
भीलवाड़ा में करीब 147 दिन के विश्राम के बाद 23 नवंबर को देवउठनी एकादशी से शहनाई फिर गूंजेगी। इस दिन अबूझ सावा होने के कारण शादी समारोह की धूम रहेगी। 30 नवम्बर तक विवाह के लिए छह शुभ मुहूर्त है।चातुर्मास के कारण पांच माह से विवाह योग नहीं था। अब 23 नवंबर से विवाह समारोह शुरू होंगे। साथ ही तुलसी विवाह की परम्परा भी निभाई जाएगी। इसे लेकर बाजार भी तैयार है। लोग अभी से खरीदारी करने में जुटे है। शादी के सीजन के चलते चांदी व सोने के भावों में तेजी बनी हुई है। पिछले तीन दिन में चांदी 1700 रुपए की तेजी आई है।
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 22 नवंबर को रात 11.03 बजे शुरू होगी। 23 नवंबर को रात 9 बजकर 1 मिनट पर खत्म होगी। यह विवाह का सबसे बड़ा मुहूर्त है। पंचांग के अनुसार 23, 24, 25, 27, 28 और 29 नवंबर को विवाह के मुहूर्त हैं। दिसंबर में 7 विवाह मुहूर्त हैं। इनमें 5, 6, 7 8, 9, 11 और 15 दिसंबर हैं। 16 दिसंबर से 14 जनवरी 2024 तक खरमास (मलमास) प्रारंभ होने पर मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा।