
भीलवाड़ा।
Co-operative land development bank सरकार ने भीड़वाड़ा जिले के अलावा प्रदेश के अन्य सभी सहकारी भूमि विकास बैंक के कर्मचारियों को 15वें वेतन समझौते का लाभ दे दिया। वेतन समझौते से वंचित भीलवाड़ा जिले के बैंककर्मियों में असंतोष है। बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने अतिरिक्त रजिस्ट्रार को पत्र लिख कर्मचारियों को लाभ देने को कहा लेकिन उच्च अधिकारी पत्र की अनदेखी कर रहे हैं। उच्च अधिकारी वर्ष 2018-19 की बैलेंस शीट पर लाभ देने की बात कर इसे टाल रहे हैं।
Co-operative land development bank ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्प्लाइज यूनियन के महासचिव सूरजभान सिंह आमेरा ने बताया कि प्रदेश के सहकारी बैंक कर्मचारियों के 15वें वेतन के लिए 2015-16 से 2017-18 तक की बैलेंस शीट की मांग थी। जिनके लॉस होगा उनको 15वें वेतनमान का समझौता नहीं दिया जाएगा। वर्ष 2018-19 में ऋण माफी अभियान के चलते वसूली कम होने से बैंक को अवधिपार ब्याज कोष में ५.६० करोड़ का नया प्रावधान करना पड़ा। लिहाजा बैंक के अन्तिम खातों के ४.९५ करोड़ की हानि दर्शायी गई। इस प्रकार बैंक वर्ष २०१८-१९ के परिचालन लाभ में होते हुए भी प्रावधान बनाए जाने के कारण वार्षिक हानि में रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि १५वें वेतन समझौते के लिए वर्ष २०१८-१९ का लाभ-हानि को आधार नहीं बनाया। बैंक के संभावित वित्त भार के लिए वर्ष २०१७-१८ में ५० लाख का प्रावधान बैलेंस शीट में रखा। ऐसे में वेतनमान समझौता एक जनवरी २०१४ से ३१ दिसम्बर २०१८ तक लागू कर एरियर राशि ४६.६१ लाख का भुगतान कर दिया जाता है तो बैंक को इस वर्ष में भार नहीं उठाना पड़ेगा।
बैंक सचिव जीएल गुप्ता ने अतिरिक्त रजिस्ट्रार को कर्मचारियों को लाभ देने के लिए पत्र लिखा। बैंक के एक कर्मचारी का कहना है कि यही स्थिति चित्तौडग़ढ़ जिले की है, लेकिन वहां लाभ दे दिया।