विश्व हास्य दिवस: खुलकर हंसों, निरोगी रहो हंसी की शक्ति को पहचान रहे शहरवासी ताली बजाने व बच्चों के खेल सी गतिविधियां
विश्व हास्य दिवस रविवार को पूरे विश्व में मनाया जाएगा। भीलवाड़ा शहर भी इससे अछूता नहीं है। शहरवासी हंसी की शक्ति को पहचान रहे हैं। शहर के विभिन्न उद्यानों, पार्कों और सामाजिक संस्थानों में आयोजित योग कक्षाओं के साथ-साथ अब लाफ्टर थेरेपी भी लोगों को रोगमुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। शिवाजी उद्यान, नेहरू उद्यान, स्मृति वन, और विभिन्न कॉलोनियों के पार्कों के साथ-साथ सामाजिक संस्थानों के भवनों में प्रशिक्षित प्रशिक्षकों से नियमित रूप से लाफ्टर थेरेपी लेने वाले लोग न केवल तनाव और चिंता से मुक्ति पा रहे हैं, बल्कि कई शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में भी सुधार महसूस कर रहे हैं।
विभिन्न प्रकार के करते हैं हास्य व्यायाम
शहर में लाफ्टर थेरेपी के प्रशिक्षक लोगों को विभिन्न प्रकार के हास्य व्यायाम कराते हैं, जिनमें ताली बजाना, सांस लेने के व्यायाम और बच्चों के खेल जैसी गतिविधियां शामिल हैं। समूह में हंसने से सामाजिक जुड़ाव भी बढ़ता है, जिससे अकेलापन और अलगाव की भावना कम होती है। लाफ्टर थेरेपी, जिसे हास्य योग भी कहा जाता है, एक अनूठा अभ्यास है जो बिना किसी कारण के हंसी को बढ़ावा देता है। इसकी उत्पत्ति 1995 में भारत में डॉ. मदन कटारिया द्वारा की गई थी। डॉ. कटारिया ने महसूस किया कि शारीरिक व्यायाम की तरह, हंसी भी शरीर और मन के लिए अत्यंत लाभकारी है, भले ही इसका कोई भावनात्मक कारण न हो। लाफ्टर थेरेपी का महत्व बहुआयामी है।
लाफ्टर थैरेपी का वैज्ञानिक पहलु
हंसने से शरीर में एंडोर्फिन नामक हार्मोन का स्राव होता है, जो प्राकृतिक दर्द निवारक और मूड बूस्टर के रूप में कार्य करता है। यह तनाव हार्मोन कोर्टिसोल के स्तर को कम करने में भी मदद करता है, जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। इसके अतिरिक्त, हंसी रक्त परिसंचरण में सुधार करती है, मांसपेशियों को आराम देती है, और हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है।
- उमाशंकर शर्मा, योग प्रशिक्षक