दूल्हा रूप में भगवान शिव लालबत्ती की खास तौर से तैयार पालकी में सवार होकर हूटर बजाते हुए बारात में शामिल होंगे। दूल्हा रूप मेंं तैयार करने से पहले गंगाजल से भोले का अभिषेक किया जाएगा। कालेश्वर महादेव से काली माता मंदिर तक निकरोसी डमरू दल कराएगा।
भिण्ड. भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के उपलक्ष में शनिवार को काली माता मंदिर परिसर में हल्दी एवं महिला संगीत की रस्में पूरी की गईं। भोले की लगुन लेकर बीटीआई रोड से रवि खटीक, सचिन एवं सोनू खटीक के साथ पूरा समाज शगुन लेकर आया।
भोले की लगुन में 11 हजार 101 रुपए नकद, 11 डलिया फल, दो चांदी के सिक्के, श्रीफल एवं सफारी सूट का कपड़ा बतौर शगुन पीतल की बड़ी परात में रखकर भेंट किया गया। भोले की ओर से चिलोंगा आश्रम के महंत अवधूत श्रीनिवास एवं कार्यक्रम के संयोजक श्यामनारायण वाजपेयी ने अपने साथियों के साथ स्वीकार किया। दोपहर बाद से काली माता मंदिर पर शिवङ्क्षलग पर हल्दी लेपन एवं महिला संगीत का आयोजन किया किया गया। रविवार को महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की बारात खास तैयारियों के साथ निकाली जाएगी।
दूल्हा रूप में भगवान शिव लालबत्ती की खास तौर से तैयार पालकी में सवार होकर हूटर बजाते हुए बारात में शामिल होंगे। दूल्हा रूप मेंं तैयार करने से पहले गंगाजल से भोले का अभिषेक किया जाएगा। कालेश्वर महादेव से काली माता मंदिर तक निकरोसी डमरू दल कराएगा। उसके बाद का बारात शुरू होगी। जो गौरी रोड, चंदू की तिवरिया होकर शास्त्री चौराहे पर पहुंचेगी। यहां से परेड चौराहा, सदर बाजार, हनुमान बजरिया होकर वनखंडेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी। जहां विधिवत शिव-पार्वती के विवाह रस्में पूरी की जाएंगी।
बारात में इस बार छह डीजे और 11 रथ शामिल किया जाएगा। पांच बग्घियां और सात बैंडों के धार्मिक झांकियां भी निकाली जाएंगी। इस बार 12 फीट के नंदी और 12 फीट का शिवङ्क्षलग भी खास आकर्षण होगा। जिसके लिए आगरा से खास लंबा रथ मंगवाया गया है। महादेव की बारात में गणों के रूप में अघोरियों की टीम भी शामिल होगी। इस पर खाटू श्याम की झांकी भी सजाई जाएगी।