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1 रूपये में हुई शादी…’मुझे बहू नहीं बेटी चाहिए’, ये कहकर दूल्हे के पिता ने लौटाए 51 लाख

MP News: मध्य प्रदेश के भिंड में लड़के के पिता ने दहेज ठुकराकर समाज के सामने अनोखी मिसाल पेश की है।
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भिंड

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Himanshu Singh

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Updated: 8 Feb 2026, 6:02 PM IST

bhind news

MP News: मध्यप्रदेश के भिंड में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां शादी का मंडप सजा चुका था, मेहमान मौजूद थे और रस्में चल रही थीं। तभी एक वाक्या हुआ, जिसने पूरी शादी का माहौल बदल दिया। अनोज पाठक जो भिंड की एक मार्केटिंग सोसायटी में असिस्टेंट मैनेजर हैं। उन्होंने शादी में मिले दहेज के 51 लाख रूपये लौटा दिए।

पाठक परिवार के इस कदम ने स्पष्ट कर दिया कि शादी किसी लेन-देन नहीं बल्कि दो परिवारों और संस्कारों का मेल है। अनोज पाठक ने दहेज के 51 लाख रूपये ठुकराकर केवल 1 रूपये और एक नारियल स्वीकार किया।

दहेज लौटाया तो हैरानी में पड़ा परिवार

शादी के दौरान जब लड़के पक्ष ने लड़की पक्ष को दहेज की राशि लौटाई तो वह हैरानी में पड़ गए। उन्हें लगा कि कहीं किसी बात पर लड़की वाले बिफर तो नहीं गए, लेकिन अनोज पाठक और उनकी मनोरमा पाठक ने लड़की वालों को बताया कि यह फैसला नाराजगी में नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने के लिए लिया है।

दहेज के कारण परिवारों योग्य रिश्ते नहीं मिलते

दादा सुरेश पाठक ने कहा कि आज भी दहेज के कारण मध्यमवर्गीय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को अच्छे रिश्ते नहीं मिल पाते हैं। इसको देखते हुए हमने फैसला लिया है कि हम अपने इंजीनियर पोते की शादी जानबूझकर मध्यवर्गीय परिवार में बिना दहेज के की है। हमारे समाज में जब तक बहू को घर में बेटी की तरह सम्मान नहीं मिलेगा। तब तक समाज आगे नहीं बढ़ेगा।

दूल्हा है इंजीनियर

दूल्हा आकर्ष पाठक छत्तीसगढ़ इंजीनियर है। उसके पिता अनोज पाठक मार्केटिंग सोसायटी में असिस्टेंट मैनेजर हैं। पिता का कहना था कि ये कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। ये सालों पुराना संकल्प था।

लड़के के पिता बोले- बेटी बोझ नहीं

लड़के के पिता अनोज पाठक ने बताया कि बेटियां कोई बोझ नहीं है और विवाह कोई लेन-देन का सौदा नहीं है। दूल्हे के पिता ने मेरे दो बेटे हैं। मैं चाहता था कि अपने बेटों की शादी में बहू के रूप में बेटी लेकर आऊंगा। अक्सर मध्यमवर्गीय परिवार संकोच में रहते हैं कि शादी में अगर ज्यादा दहेज नहीं देंगे। तो अच्छे घर में बेटियों की शादी नहीं होगी।