Gwalior-Bhind highway: ग्वालियर-भिंड हाईवे को 6 लेन बनाने और गो-अभयारण्य की मांग को लेकर संत समाज ने 10 अप्रैल से अखंड आंदोलन का ऐलान किया है, जिसे पूर्व सैनिकों का पूरा समर्थन मिला है।
Gwalior-Bhind highway: नेशनल हाईवे 719 पर आए दिन होते हादसे अब भिंडवासियों के सब्र का बांध तोड़ चुके हैं। हर साल सैकड़ों लोग असमय काल का ग्रास बन रहे हैं। एक साल में ही 250 से अधिक मौतों ने इस हाईवे को 'मौत का ट्रैक' बना दिया है। लेकिन अब भिंड के संत समाज ने कमर कस ली है। 10 अप्रैल से अखंड आंदोलन का बिगुल फूंकने की तैयारी है।
संत समाज के आंदोलन को भिंड के पूर्व सैनिकों का भी भरपूर समर्थन मिल गया है। इंडियन वेटर्न ऑर्गनाइजेशन के भिंड जिला अध्यक्ष सूबेदार मेजर शिव बहादुर सिंह भदौरिया और पूर्व सैनिक कल्याण सेवा संघ के संभागीय अध्यक्ष जितेंद्र सिंह भदौरिया ने समर्थन पत्र सौंपते हुए कहा कि वे आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। समाजसेवी पूर्व सैनिक सुनील शर्मा का कहना है कि संत समाज के आदेश का पालन करते हुए पूर्व सैनिक 24 घंटे तत्पर रहेंगे।
ग्वालियर से निकली संत समाज की जन जागरण धर्मयात्रा का पूर्व सैनिक कल्याण सेवा संघ ने शीतल जल और मीठे शरबत से स्वागत किया। इससे संत समाज के आंदोलन को पूर्व सैनिकों का समर्थन स्पष्ट हो गया।
इंडियन वेटर्न ऑर्गनाइजेशन के संभागीय अध्यक्ष सूबेदार मेजर सुरेश सिंह तोमर और पूर्व सैनिक कल्याण सेवा संघ के सचिव दीपेंद्र सिंह गौर समेत कई सैनिकों ने आंदोलन में शामिल होने का संकल्प लिया है। कैप्टन कालीचरण शर्मा, रामदत्त शुक्ला, और अजीत सिंह तोमर जैसे पूर्व सैनिक भी संत समाज के साथ खड़े नजर आएंगे। भिंड के लोग अब देखना चाहते हैं कि संतों और सैनिकों का यह गठजोड़ हाईवे को 6 लेन बनाने और गो-अभयारण्य की मांग को पूरा करवा पाता है या नहीं। 10 अप्रैल को अखंड आंदोलन से क्या बदलाव आएगा, यह देखने के लिए सबकी निगाहें टिकी हैं।