भिण्ड. मावठा की बारिश कुछ किसानों के लिए आफत बन रही है। जिन फसलों में हाल ही में ङ्क्षसचाई हुई थी, उनमें पानी भर जाने से पौधा कमजोर होने का खतरा बढ़ गया है। कृषि विज्ञान केंद्र ने जिले में पिछले 24 घंटे में 58 मिमी बारिश दर्ज की है। जबकि मौसम विभाग ने जिले […]
भिण्ड. मावठा की बारिश कुछ किसानों के लिए आफत बन रही है। जिन फसलों में हाल ही में ङ्क्षसचाई हुई थी, उनमें पानी भर जाने से पौधा कमजोर होने का खतरा बढ़ गया है। कृषि विज्ञान केंद्र ने जिले में पिछले 24 घंटे में 58 मिमी बारिश दर्ज की है। जबकि मौसम विभाग ने जिले में 24 एमएम बारिश होना बताया है। किसानों को खेतों में भरा पानी खाली करने की सलाह दी जा रही है।
बता दें शहर सहित अंचल में मंगलवार दोपहर एक बजे से रिमझिम बारिश शुरू हुई। रात आठ बजे से तेज बारिश होने लगी जो कि रात 3 बजे तक रुक-रुककर होती रही। जिससे शहर की गलियों के साथ खेत खलियान पानी से लबालब हो गए हैं। बुधवार सुबह घना कोहरा छा गया। सुबह नौ बजे लाइफलाइन रोड पर ²श्यता 10 मीटर से भी कम मापी गई। जिससे सर्दी एक बार फिर गहरा गई। हालांकि दोपहर में हल्की धूप निकली, लेकिन शाम को मौसम फिर सर्द हो गया।
जिन किसानों ने गेहूं, सरसों और चना-मटर के खेतों में ङ्क्षसचाई कर ली थी, उनके खेतों में पानी भर गया है। किसानों की मानें तो मावठ के रूप में यह बारिश जानी जाती है। सभी फसलों के लिए यह मावठ हुई है। चना, मटर, गेहूं, सरसों के जिन खेतों में पानी हाल ही में दिया है, उनमें नुकसान की आशंका है। बारिश से सरसों में फूल झड़़ गया है। फली में भी दाना कमजोर हो सकता है। अधिक पानी भरने से गेहूं की फसल पीली पड़ सकती है, इसके लिए किसानों को नाइट्रोजन के छिडक़ाव की सलाह दी जा रही है।
कृषि वैज्ञानिकों ने पशुओं को सर्दी से बचाने की सलाह पशुपालकों को दी है। बारिश के बाद अचानक सर्दी बढऩे से पशुओं में बीमारियां फैल सकती हैं। इसके लिए किसानों को टीकाकरण करवाना आवश्यक है। इसके साथ ही छोटे बच्चों में भी सर्दी खांसी की समस्या बढ़ रही है। चिकित्सकों द्वारा सही देखभाल और एहतियात बरतन की सलाह दी जा रही है।
स्थान बारिश मिमी में
भिण्ड 50
अटेर 10.2
मेहगांव 32.0
गोहद 29.0
लहार 29.0
रौन 11.0
मिहोना 26.0
मौ 7.0
गोरमी 22.0
कुल 24.0