भिवाड़ी. उद्योग नगरी में मॉडल रोड बनाई जा रही हैं। नगर परिषद के सामने स्थित मंशा चौक से इजी डे तक की 900 मीटर सडक़ को भी मॉडल रोड के रूप में तैयार किया जा रहा है। मॉडल रोड के तहत उक्त सडक़ पर साइकिल ट्रेक, वॉकिंग ट्रेक, बिजली की लाइन भूमिगत, दोनों तरफ पौधारोपण, […]
भिवाड़ी. उद्योग नगरी में मॉडल रोड बनाई जा रही हैं। नगर परिषद के सामने स्थित मंशा चौक से इजी डे तक की 900 मीटर सडक़ को भी मॉडल रोड के रूप में तैयार किया जा रहा है। मॉडल रोड के तहत उक्त सडक़ पर साइकिल ट्रेक, वॉकिंग ट्रेक, बिजली की लाइन भूमिगत, दोनों तरफ पौधारोपण, नगर परिषद की तरफ नाला निर्माण होगा। जहां सडक़ खराब है वहां डामरीकरण और डिवाइडर का रखरखाव किया जाएगा। साथ ही सौंदर्यीकरण के लिए लाइट लगाई जाएंगी। मॉडल सडक़ निर्माण की लागत करीब दो करोड़ रुपए रखी गई थी, जिसका टेंडर निकाला गया। जिस फर्म को टेंडर मिला है, उसने 21 प्रतिशत कम में टेंडर लिया है। दस दिन में काम शुरू होने की संभावना है।
करोड़ों खर्च फिर भी फुटपाथ ग्रीन एरिया में उपले
शहर में विकास कार्यों में बीते कुछ वर्षों में करोड़ों रुपए खर्च हुए हैं। संबंधित विभाग और अधिकारियों ने विकास कार्य कराने में तत्परता दिखाई है लेकिन बाद में विकास स्थल पर क्या हो रहा है, इसकी देखरेख और सारसंभाल उतनी जिम्मेदारी से नहीं की जाती, जितनी की जरूरत है। मॉडल रोड बनाने की प्रक्रिया चल रही है। कई जगह मॉडल रोड बनेंगे। बीडा ने पूर्व में यूआईटी सेक्टर में भी कई सडक़ का निर्माण और सौंदर्यीकरण कराया है। यूआईटी सेक्टर पांच से सात और नौ को जाने वाली मुख्य सडक़ पर ग्रीन एरिया और फुटपाथ पर पालतू गाय-भैंस बांधे जाते हैं। सार्वजनिक स्थल पर पशुओं का मल और उपले बनाए जाते हैं। इसे रोकने के लिए बीडा ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इसी तरह यूआईटी सेक्टर दो में जगन्नाथ मंदिर से आगे सडक़ फुटपाथ पर ही उपले रखे हुए हैं। इस तरह कई जगह बीडा ने विकास कार्यों में करोड़ों रुपए खर्च किए हैं लेकिन वहां की स्थिति बहुत ही खराब है, ऐसी स्थिति देखकर लगता है कि एक तरफ मॉडल रोड तैयार की जा रही हैं वहीं सडक़ और फुटपाथ पर उपले बनाने से रोकने का इंतजाम नहीं किया जा रहा है, ऐसी स्थिति में शहर की छवि कैसे सुधरेगी।
सडक़ होंगी बेहतर
मॉडल सडक़ के दौरान फिलहाल उन्हीं सडक़ों को बेहतर किया जा रहा है, जो कि पहले से अच्छी स्थिति में हैं। मंशा चौक से इजी डे वाली सडक़ फिलहाल अच्छी स्थिति में है। चार लेन सडक़ के दोनों तरफ फुटपाथ पर टाइल्स बिछे हुए हैं और सडक़ के बीच में काफी चौड़ा डिवाइडर है, जिसमें बड़े-बड़े पेड़ हैं। इस तरह उक्त सडक़ वर्तमान स्थिति में भी सौंदर्यीकरण के कई मानकों को पूरा करती हैै।