भिवाड़ी. औद्योगिक क्षेत्र में इलेक्ट्रोनिक उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा देने, नई तकनीक खोजने, इलेक्ट्रोनिक उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) का निर्माण करीब आठ महीने पहले पूरा हो चुका है। सीएफसी निर्माण का उद्देश्य इलेक्ट्रोनिक उत्पाद निर्माण करने के लिए नए प्रॉडक्ट पर रिसर्च करना है। उद्यमियों को एक छत […]
भिवाड़ी. औद्योगिक क्षेत्र में इलेक्ट्रोनिक उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा देने, नई तकनीक खोजने, इलेक्ट्रोनिक उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) का निर्माण करीब आठ महीने पहले पूरा हो चुका है। सीएफसी निर्माण का उद्देश्य इलेक्ट्रोनिक उत्पाद निर्माण करने के लिए नए प्रॉडक्ट पर रिसर्च करना है। उद्यमियों को एक छत के नीचे इलेक्ट्रोनिक उत्पाद तैयार करने के लिए एक लैब जैसी सुविधा देना है। भवन निर्माण की लागत 6.70 करोड़ रुपए है। करोड़ों की लागत से तैयार भवन के उपयोग के लिए अभी तक कार्ययोजना तैयार नहीं हुई है। कारोली औद्योगिक क्षेत्र में निर्मित सेंटर प्रदेश के साथ देश का संभावित पहला केंद्र है। रीको ने पहली बार ऐसा प्रयोग किया है जब इलेक्ट्रोनिक उत्पाद के लिए लैब (सीएफसी) की सौगात दी है। अब बारी इसके उपयोग की है, इलेक्ट्रोनिक उत्पादों को आगे बढ़ाने के लिए यह कल्पना की गई है। औद्योगिक क्षेत्र में 2500 वर्गमीटर में जी प्लस वन इमारत तैयार हुई है। भूखंड का आकार छह हजार वर्गमीटर है। निर्माण से बची जगह का अन्य उपयोग होगा। परिसर के अंदर वेयरहाउस, कैडकैम, टूल रूम, मशीन रूम, लैबोरेट्री, ट्रेनिंग सेंटर, कांफ्रेंस हॉल, बैंक, एटीएम, कैंटीन है। इस भवन में इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रोनिक पाट्र्स के जांचने, परखने, निर्माण डिजायन करने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाने हैं।
इस तरह भवन बनेगा सार्थक
कारोली में इलेक्ट्रोनिक मैन्यूफैक्चरिंग कलस्टर (ईएमटी) है। इस कलस्टर मेंं 49 भूखंड, इसमें से 42 भूखंड का आवंटन हो गया है। 14 फैक्ट्रियों में उत्पादन शुरू हो चुका है। सात भूखंड खाली हैं। यह औद्योगिक क्षेत्र 121 एकड़ में फैला हुआ है। इस जोन में बिजली से संचालित होने वाले दोपहिया वाहनों का भी उत्पादन हो रहा है। सीएफसी के निर्माण हो जाने के बाद उद्यमियों को खुद के प्लांट में उन इंतजाम को नहीं करना होगा जो कि अभी तक किसी सर्विस प्रदाता से लेते थे। जिनके लिए उन्हें किसी दूसरे पर निर्भर रहना पड़ता है। इस सेंटर में उन्हें ये सभी सुविधाएं मिलेंगी। इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रोनिक वस्तु का उत्पादन करने वाली इकाइयों को बढ़ावा देने वाली तकनीक यहां मिल सकेगी।
केंद्र देगा ग्रांट
मंत्रालय ने ईएमसी जोन में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने 6.33 करोड़ रुपए दिए हैं। जबकि ईएमसी जोन और सीएफसी के लिए कुल अनुदान राशि 11.48 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे, अब रीको को 5.15 करोड़ मिलने हैं। इस पर मंत्रालय अधिकारियों ने अक्टूबर 2025 हुई बैठक में भवन निर्माण संबंधी जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
सीएफसी संचालन के लिए इलेक्ट्रोनिक कलस्टर की इकाइयों को जोड़ा जा रहा है, उनके साथ बैठक में इसके उपयोग को लेकर जल्द स्पष्ट रूपरेखा तैयार की जाएगी।
अखिल अग्रवाल, यूनिट हेड, रीको