भिवाड़ी

बायपास भगत ङ्क्षसह की सडक़ों पर भरा कई फीट पानी, आवागमन बाधित

बायपास, भगत ङ्क्षसह कॉलोनी, नगीना गार्डन क्षेत्र में बुधवार सुबह अचानक जलभराव हो गया। सडक़ों पर तीन से चार फीट तक पानी जमा हो गया। हरे रंग का पानी आने से आवागमन बाधित हो गया। बिना बारिश सडक़ों पर पानी भरने से आमजन भी चौंक गए।

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मंडल कार्यालय के पास मिट्टी खिसकी, जमा पानी सडक़ों पर आया

भिवाड़ी. बायपास, भगत ङ्क्षसह कॉलोनी, नगीना गार्डन क्षेत्र में बुधवार सुबह अचानक जलभराव हो गया। सडक़ों पर तीन से चार फीट तक पानी जमा हो गया। हरे रंग का पानी आने से आवागमन बाधित हो गया। बिना बारिश सडक़ों पर पानी भरने से आमजन भी चौंक गए। जलभराव की वजह बना आवासन मंडल कार्यालय के बराबर में भरा पानी। कार्यालय के बराबर में एक दशक से हजारों वर्गमीटर जमीन पर कई फीट पानी भरा हुआ है। मुख्य रोड की तरफ मिट्टी की बांध लगी हुई है, अल सुबह चार बजे के करीब मिट्टी की दीवार ढह गई और थोड़ी ही देर में पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया। भगत ङ्क्षसह कॉलोनी के दोनों मुख्य रोड, कॉलोनी के अंदर की गलियां, रेवाड़ी पलवल हाईवे, व्यावसायिक क्षेत्र सहित सभी जगह कई फीट तक पानी भर गया। आमजन का घर से बाहर निकलना और बाहर से अंदर घुसना मुश्किल हो गया। उक्त पानी में एक दशक पूर्व सैदपुर के दो बालकों की डूबने से मौत भी हो हो चुकी है। बीते कई दिनों से नालों का ओवरफ्लो पानी सडक़ों पर आ रहा था, जिसे मड पंप की मदद से उक्त भराव क्षेत्र में फेंका जा रहा था।

इसलिए टूटी दीवार

जहां पानी का भराव हैं वहां मुख्य रोड की तरफ मिट्टी खिसक गई, वहीं दूसरी तरफ आवासन मंडल कार्यालय के पीछे की दीवार और मुख्य सडक़ की दीवार भी पानी के दबाव से ढह गई। तीन क्षेत्र से एक साथ पानी आया। बायपास पर पानी की निकासी नहीं होने से नालियों के जरिए मिलकपुर नाले से आने वाले पानी को और सडक़ पर जमा पानी को मड पंप से उक्त भराव क्षेत्र में डाला जा रहा था, जिसकी वजह से पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा था। पानी को रोकने के लिए मुख्य सडक़ की तरफ जो मिट्टी की दीवार बनाई गई थी, वह खिसक गई। इसके साथ ही आवासन मंडल की दीवार भी पानी के दबाव से टूट गई, जिसकी वजह से सडक़ों पर कुछ ही देर में पानी भर गया।

मंडल कार्यालय में घुसा

वर्षों से जमा पानी पहली बार दीवार तोडक़र मंडल कार्यालय के अंदर भी घुस गया। जिसकी वजह से कार्यालय के अंदर रखा कुछ रिकॉर्ड भी भींगने से नष्ट होने की आशंका है। आवासन मंडल के भूखंड में भरा पानी पहले भी कई बार मिट्टी खिसकने से जलभराव कर चुका है लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने उक्त समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया। जब भी सडक़ों पर पानी आया, मड पंप लगाकर भराव क्षेत्र में पानी फेंका जाता रहा। सडक़ों पर सुबह जलभराव होने के बाद संबंधित विभागीय अधिकारी दौड़े और पानी को रोकने का इंतजाम किया, मिट्टी डलवाई गई और सीवरेज लाइन की मदद से पानी को दूसरे क्षेत्र में भेजा गया।

Published on:
28 May 2026 07:10 pm
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