
(भिवानी): विभिन्न कर्मचारी संगठनों व अन्य जन संगठनों के सहयोग से भिवानी बस अडडे के बाहर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर पुलिस ने बुधवार दोपहर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। रोङवेज कर्मचारियों का कहना है कि करीब 50 कर्मचारियों को चोटें आई हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि किसी भी हाल में कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। कानून तोडऩे वालों के खिलाफ मामले दर्ज होंगे।
भिवानी में हङताली कर्मचारियों ने सैंकड़ों की संख्या में शहर में प्रदर्शन कर दोपहर बाद बस स्टैंड का घेराव कर दिया। कर्मचारियों ने बस स्टैंड के दोनों गेटों के बाहर धरना देकर नारेबाजी शुरु कर दी। इसके बाद कोई भी बस ना बस स्टैंड से बाहर निकली ना अंदर जा पाई। करीब आधे घंटे बाद प्रशासन ने बस स्टैंड से बसों को निकालना शुरु किया, तो आंदोलनकारी कर्मचारियों ने बसों पर पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आंदोलनकारी कर्मचारियों पर लाठी चार्ज कर खदेडऩा शुरु किया और बसों को कङी सुरक्षा में बस स्टैंड से निकाला लगया। खुद एसपी गंगाराम पूनिया ने पुलिस की अगवाई करते हुए स्थिति पर काबू पाया।
एसपी गंगाराम पूनिया ने कहा कि किसी भी हाल में कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। रोडवेज कर्मचायिों ने बसों व पुलिसकर्मियो पर पथराव किया जिसके कारण उन्हे खदेडऩा पड़ा। उन्होने कहा कि पथराव करने वाले कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ मामले भी दर्ज किए जाएंगे।
वही दूसरी तरफ कर्मचारियों ने उनकी तरफ से पथराव करने की बात को मनगढ़ंत बताते हुए पुलिस की सोची समझी साजिश करार दिया। कर्मचारियों का कहना है कि पुलिस की नीयत ठीक नहीं थी और पुलिस के इशारे पर ही कुछ बाहर के लोगों ने पथराव किया था ताकि कर्मचारी बदनाम हो सके। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे आराम से बैठे थे तभी पुलिस की ओर से इशारा दिया गया तथा बाद में किसी ने पथराव कर दिया। आरोप है कि पुलिस के ही आदमी थे जिन लोगों ने महौल खराब करने के लिए ऐसा किया था। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि उन लोगों की तरफ से कोई पथराव नही किया गया।
उन्होंने कहा कि जानबूझ कर पुलिस व प्रशासन ने उनके आंदोलन को तोडऩे के लिए ऐसा किया है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे किसी भी सूरत में दबने वाले नही है। उन्होंने कहा कि आज फिर से उनकी बैठक है तथा प्रदेश स्तरीय आंदेालन है तथा जैसे आदेश उन्हें मिलेंगे वे अब आगे की रणनीति वैसी ही तैयार करेंगे।