Roads construction: कभी तीन पुलों पर सिमटा भोपाल आज इंफ्रास्ट्रक्चर के नए युग में प्रवेश कर चुका है। ब्रिज, फ्लाईओवर और हजारों किलोमीटर सड़कों के विस्तार ने 23 लाख लोगों की रफ्तार और जिंदगी दोनों बदल दी है।
MP News: भोपाल के इंफ्रास्ट्रक्चर खासतौर पर सड़क और ब्रिज में तेजी आई है। 18 साल पहले तक महज तीन ब्रिज पर ही भोपाल का ट्रैफिक था, लेकिन अब 18 से अधिक ब्रिज है। करीब 1300 किमी लंबाई की नई सड़कें बनाई गई है। अब कोलार के कजलीखेड़ा, इंदौर रोड पर भौरी, नरसिंहगढ़ रोड पर श्यामपुर दोराहा, रायसेन रोड पर कोकता से आगे तक हो गया है। 1000 किमी की नई सड़कें (Road Construction) और सात नए ब्रिज (New Bridges) प्रस्तावित है।
शहर की 23 लाख की आबादी की आवाजाही आसान करने मेट्रो, ब्रिज, फ्लाईओवर व सड़कें मिलाकर 18 नए प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इस साल आखिर तक नई सडकों की सौगात मिलना शुरू होगी। अगले पांच साल में में ये सभी प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे। जाएंगे। नए प्रोजेक्ट से शहर में सड़कों की लंबाई पांच हजार किमी तक पहुंच जाएगी।
आर्किटेक्ट-स्ट्रक्चरल इंजीनियर राजेश चौरसिया ने बताया कि बीते सालों में भोपाल का इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हुआ। हर क्षेत्र को ब्रिज से जोड़ा गया। आपको हर दो से तीन किमी में रेलवे लाइन पर अंडरब्रिज या फिर ओवरब्रिज मिल जाएगा। हाल में करीब तीन किमी का आंबेडकर ब्रिज शुरू किया गया। शहरी क्षेत्रों के आपसी जुड़ाव से शहर की आर्थिक प्रगति होती है और लोग कम समय में लंबी दूरी कर सकते हैं, जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता बढ़ती है।
शहर में 150 साल पुराना पुल पुख्ता आज भी बरकरार है। ट्रैफिक के पूरे दबाव को झेल कर शहर के लिए सुविधा बना हुआ है। ये 1777 में बनाया था। (MP News)