शहर में दोनों वायरसों का कम्यूनिटी स्प्रेड हो चुका है, डेल्टा से वैक्सीन बचा रही है। ओमिक्रॉन खुद कम असरकारक है। लेकिन, पॉजिटिवी रेट 14 फीसदी पर आ चुका है, जो लगातार बढ़ रही है। यही हाल रहा तो हर गली-मोहल्ले में ओमिक्रॉन का पॉजिटिव मिलेंगे।
भोपाल. कौन सा वायरस किस को पॉजिटिव कर दे ये अब बड़ा सवाल हो गया है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ओमिक्रॉन और डेल्टा दोनों ही पूरी तरह से सक्रिय है।पॉजिटिव होने की रफ्तार को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसर मान चुके हैं कि, ओमिक्रॉन फैल रहा है। घातक स्टेज में न होने से इसकी जीनोम सिक्वेंसिंग बड़े स्तर पर नहीं हो रही। पॉजिटिव लेने वाली टीम जब एक पॉजिटिव के फर्स्ट कॉन्टेक्ट की सैम्पलिंग करती है तो उसमें से अब दस में से छह लोग पॉजिटिव आ रहे हैं।
ये ओमिक्रॉन ही कर सकता है। पहले ये संख्या तीन से चार तक हुआ करती थी। लोगों में जो लक्षण हैं वह न के बराबर हैं। कुछ मरीजों को सिर दर्द, हल्के बुखार की शिकायत है। ऐसे लक्षण ओमिक्रॉन के हो सकते हैं। डेल्टा से संक्रमित होने पर बुखार सात दिन तक रह सकता है।
कॉलोनियों में चालीस फीसदी घरों में मरीज
कोलार और गोविंदपुरा दो सर्कलों में कुछ कॉलोनियां ऐसी हो गईं हैं, जहां चालीस फीसदी घरों में पॉजिटिव मरीज हैं। इनको किसी प्रकार के लक्षण नहीं हैं। इसी गफलत में ये लोग आसानी से बाहर जा रहे हैं, लेकिन ओमिक्रॉन के चलते ये लोग दूसरो को कोरोना बांट रहे हैं। इसलिए जिला प्रशासन के अफसरों ने कंटेनमेंट बनाने के बाद बीट क्षेत्र कु आधार पर आरआई पटवारी, पुलिसकर्मियों को मॉनीटरिंग के लिए तैनात किया है।
ये रखनी होगी सावधानी
-शहर में लगने वाली हाट बाजारों में कुछ दिन नहीं जाएं, बाजारों में भीड़ भरे स्थानों पर जाने से बचें। एक ओमिक्रॉन पॉजिटिवदस को संक्रमित कर सकता है।
-संभव हो तो फिर से डबल मास्क लगाना शुरू कर दें। इससे काफी हद तक बचाव हो सकता है। किसी भी सार्वजनिक वस्तु को हाथ लगाने से बचें।
-किसी से मिलना जुलना और उसके घर जाना बंद कर दें, सरकारी दफ्तरों में जाते समय सैनिटाइजर साथ लेकर जाएं।
नशे के खिलाफ दीवार बनकर खड़ा सेना अधिकारी - देखें Video