भोपाल

Swachh Bharat Abhiyan: यहां आज भी खुले में शौच जाते हैं अपराधी और सिपाही देते हैं पहरा

18 साल पुरानी आरपीएफ चौकी में आज तक नहीं बना शौचालय,स्वच्छता अभियान को रेलवे अधिकारी दिखा रहे ठेंगा।

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Oct 24, 2017
Swachh Bharat Abhiyan

भोपाल। प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत के सपने को कुछ सरकारी महकमे ही पूरा होने में रोढ़ा बने हुए हैं। जिसके चलते ओडीएफ घोषित हो चुके भोपाल में भी गंदगी फैलाई जा रही है।

दरअसल स्वच्छ भारत अभियान के तहत भोपाल ओडीएफ घोषित हो चुका है, लेकिन भारत सरकार के इस स्वच्छता अभियान को रेलवे के अधिकारी ही ठेंगा दिखा रहे हैं। निशातपुरा स्थित आरपीएफ की 18 साल पुरानी चौकी पर आज भी रेलवे शौचालय का निर्माण नहीं करा पाया। आलम यह है कि पकड़े गए अपराधियों को रस्सी से बांधकर उन्हें खुले में शौच के लिए ले जाना पड़ता है। इस दौरान जवान रस्सी का दूसरा सिरा पकड़कर वहां पहरा देते हैं, ताकि वह भाग न जाए।

चौकी पर सब इंस्पेक्टर सहित 12 जवान तैनात हैं। 8—8 घंटे की ड्यूटी की शिफ्ट में खासकर रात में ड्यूटी करने वाले जवानों को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ता है।

शर्म से पानी-पानी हो जाते हैं जवान :
स्थिति इतनी शर्मनाक हो जाती है कि पानी की बोतल लेकर जा रहे जवानों को आते-जाते लोग टोक देते हैं, तब वह शर्म से पानी-पानी हो जाते हैं। आरपीएफ सबइंस्पेक्टर बीपी सिंह का कहना है कि आज जब प्रशासन खुद लोगों को खुले में शौच जाने पर रोक रहा है। एेसे समय में जवान खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हैं। यह शर्मनाक स्थिति है।

रेलवे को मैं स्वयं कई बार चिट्ठी लिख चुका हूं। मेरे पहले के अधिकारियों ने भी पत्राचार किया है, लेकिन कुछ नहीं हुआ। हाल ही में एक बार फिर से पत्राचार किया गया है।
- निहाल सिंह, आरपीएफ थाना प्रभारी, भोपाल रेलवे स्टेशन

आरपीएफ के द्वारा शौचालय बनवाने के लिए पत्रचार किया गया है। हालांकि मैंने अभी यहां ज्वाइन किया है। मुझे इस संबंध में बहुत अधिक जानकारी नहीं है। फिर भी मैं इस मामले को जरूर गंभीरता से दिखवाता हूं।
- राकेश वर्मा, आईओडब्ल्यू निशातपुरा

Published on:
24 Oct 2017 11:46 am