नीट-यूजी परीक्षा पैटर्न में किया गया बदलाव, एक्सपट्र्स का कहना है कि कॉम्पीटिशन होगा टफ
भोपाल। एनटीए ने नीट-यूजी परीक्षा का पैटर्न बदल दिया है। इस बार 180 की जगह 200 प्रश्न होंगे। पहली बार पेपर को चार भागों में बांटा गया है। बायो में बॉटनी और जूलॉजी के अलग-अलग प्रश्न पूछे जाएंगे। फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलॉजी और बॉटनी को दो सेक्शन में बांटा गया है। पहले में 35 प्रश्न आएंगे, जो अनिवार्य होंगे। दूसरे में 15 प्रश्न होंगे, जिनमें 10 हल करने होंगे। इस तरह 200 में से 180 प्रश्न हल करने होंगे। अधिकतम अंक पिछले साल की तरह 720 ही होंगे। हर प्रश्न 4 अंक का होगा और गलत उत्तर देने पर एक अंक कटेगा। इस बार प्रवेश परीक्षा पंजाबी, मलयालम सहित 13 भारतीय भाषाओं में होगी। नीट एग्जाम 12 सितंबर को होगा। भोपाल में हर साल 12 से 14 हजार स्टूडेंट्स इस परीक्षा को देते हैं। कोरोना को देखते हुए इस बार एग्जाम सेंटर्स की संख्या 30 प्रतिशत तक बढ़ाई जाएगी। एक्सपट्र्स का कहना है कि कोरोना के चलते परीक्षा करीब चार माह टली है, प्रतिभागियों को तैयारी का ज्यादा समय मिला है इसलिए इस बार कॉम्पीटिशन भी टफ होगा।
एनसीइआरटी कोर्स पर करें फोकस
आकाश इंस्टीट्यूट के एकेडमिक डायेरक्टर रणधीर सिंह ने बताया कि एग्जाम में इस बार 200 प्रश्न पूछे जाएंगे, लेकिन जवाब सिर्फ 180 का ही देना है। अब प्रत्येक सब्जेक्ट में 45 के बजाए 50 प्रश्न पूछे जाएंगे। लेवल-1 में 35 और लेवल-2 में 15 प्रश्न होंगे। लेवल-1 के सभी प्रश्नों को हल करना अनिवार्य होगा। वहीं, लेवल-2 में 5 प्रश्न छोड़ सकते हैं। चूंकि स्टूडेंट्स को पहले की तरह 180 मिनट ही मिलेंगे, लेकिन 20 प्रश्न ज्यादा पढऩे होंगे तो उन्हें एक्यूरेसी रेट बढ़ाना होगा। टाइम मैनजमेंट और बेहतर करना होगा। स्टडेंट्स को चाहिए कि वे पैनिक ना हो क्योंकि एग्जाम का लेवल पहले की तरह ही रहेगा। बायो और कैमेस्ट्री पूरी तरह से एनसीइआरटी बेस्ड ही रहता है। फिजिक्स में 20 प्रतिशत एनसीइआरटी बेस्ड और 80 प्रतिशत सवाल फॉर्मूला बेस्ड पूछे जाते हैं।
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टाइम मैनेजमेंट सीखना होगा
नीट की तैयारी कर रही मदीहा खान ने बताया कि प्रश्नों की संख्या 200 होने से अब टाइम मैनेजमेंट पर ज्यादा फोकस करना होगा। बायो थ्योरी बेस्ड होता है, इसलिए इसमें समस्या नहीं होगा, लेकिन कैमेस्ट्री और फिजिक्स में प्रश्न को सॉलव कर देखना पड़ता है कि इस उत्तर सही है या नहीं। इसलिए ये दोनों टाइम टेकिंग होंगे। पहले एग्जाम मई में होना वाला था लेकिन उस समय इसे पोस्टपोन किया गया। ये अगस्त तक होना था लेकिन अब सितंबर में हो रहा तो स्टूडेंट्स लगातार प्रिपरेशन कर रहे हैं। इससे थोड़ा स्ट्रेस तो बढ़ा है हालांकि तैयारी के लिए हमें ज्यादा समय भी मिल पा रहा है। अभी मैं आठ से दस घंटे एग्जाम की तैयारी कर रही हूं।
स्ट्रेस कंट्रोल करना सीखें, स्पीड बढ़ाने की प्रैक्टिस करें
पिछले साल मेरी एआइआर-126 और मध्यप्रदेश में पहली रैंक हासिल करने वाली सौम्या शुक्ला ने बताया कि मैं अभी एम्स भोपाल से पढ़ाई कर रही हूं। जो स्टूडेंट्स नीट की तैयारी कर रहे हैं अब उन्हें अपनी स्पीड बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए लिख-लिखकर प्रैक्टिस करना जरूरी है। केमेस्ट्री पूरी तरह से एनसीइआरटी बेस्ड आता है। सभी सब्जेक्ट के बेसिक कॉन्सेप्ट क्लियर रखें, क्योंकि कॉन्सेप्ट क्लियर होगा तो प्रश्न हल करने में समय कम लगेगा। फिजिकल केमेस्ट्री टाइम टेकिंग होता है, इसलिए इसकी तैयारी पर ज्यादा ध्यान दें। एग्जाम रूम में स्ट्रेस कंट्रोल करना सबसे जरूरी होता है। घर पर एग्जाम रूम का माहौल बनाकर प्रैक्टिस करेंगे तो इसका फायदा एग्जाम में मिलेगा।