भोपाल। नए साल का आगाज हो चुका है। 2023 के मुकाबले 2024 में त्योहारों का स्वरूप बदला हुआ रहेगा। इस साल देवशयनी एकादशी के पहले पडऩे वाले पर्व 2023 के मुकाबले एक पखवाड़ा देरी से आएंगे, वहीं चातुर्मास के दौरान आने वाले अधिकांश पर्व एक पखवाड़ा जल्दी मनाएं जाएंगे।
ऐसे में जहां 2024 में महाशिवरात्रि और होली जैसे पर्व 15 दिन की अधिक से देरी आएंगे तो वहीं दूसरी ओर रक्षाबंधन, गणेश उत्सव, दिवाली, दशहरा जैसे पर्व लगभग एक पखवाड़ा जल्दी आएंगे।
अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से साल 2024 में त्योहारों की स्थिति 2023 से एकदम उलट होगी। ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि 2023 में अधिकमास था। ऐसे में एक माह अधिक था। इस कारण 2023 में महाशिवरात्रि, होली आदि त्योहार जल्दी आए थे, जबकि चातुर्मास में दशहरा, दिवाली आदि त्योहार एक पखवाड़ा देरी से आए थे।
पं. विष्णु राजौरिया का कहना है कि तीज त्योहारों की गणना हिन्दी पंचांगों के हिसाब से की जाती है। जिसके लिए हिन्दी का माह और तिथि निर्धारित है, हिन्दी पंचांग के अनुसार उसी तिथि पर यह त्योहार आते हैं, लेकिन अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार आगे पीछे इसलिए होते है कि हिन्दी कैलेंडर में हर तीसरे साल अधिकमास होता है, ऐसे में एक माह की अवधि बढ़ती है, इसलिए अंग्रेजी कैलेंडर की गणना के हिसाब से त्योहार आगे-पीछे होते है और उनका क्रम बदलता है। 2023 में अधिकमास था, इसलिए त्योहारों में अंग्रेजी कैंलेडर के हिसाब से 10 दिनों का अंतर दिखाई देगा।
देवशयनी एकादशी के पहले वाले त्योहार देरी से तो बाद वाले त्योहार आएंगे जल्दी
देवशयनी एकादशी से लेकर देवउठनी एकादशी तक का समय चातुर्मास कहलाता है। चातुर्मास में ही सबसे अधिक तीज त्योहार आते हैं। चातुर्मास के दौरान नागपंचमी, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेश उत्सव, दुर्गा उत्सव, दशहरा, दिवाली सहित अन्य पर्व रहते हैं। चातुर्मास के चार महीनों तक पूरे साल में सबसे अधिक पर्व रहते हैं। इस बार चातुर्मास के दौरान आने वाले अधिकांश पर्व 10 से 15 दिन जल्दी आएंगे।
वर्ष 2024 में कौन से त्योहार कब-कब
15 जनवरी - मकर संक्रांति
08 मार्च - महाशिवरात्रि
25 मार्च - होली
09 अप्रैल चैत्र - नवरात्र
17 अप्रेल - रामनवमी
10 मई - अक्षय तृतीया
07 जुलाई- जगन्नाथ रथयात्रा
17 जुलाई- देवशयनी एकादशी
21 जुलाई - गुरु पूर्णिमा
19 अगस्त - रक्षाबंधन
26 अगस्त - कृष्ण जन्माष्टमी
07 सित्बर - गणेश चतुर्थी
03 अक्टूबर - शारदीय नवरात्र
12 अक्टूबर - विजयादशमी
16 अक्टूबर - शरद पूर्णिमा
29 अक्टूबर - धनतेरस
31 अक्टूबर - दीपावली
12 नव्बर - देवउठनी एकादशी