MP News: विशेष रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए विशेष पैकेज को मंजूरी दी है।
MP News: मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए बजट में उद्योग क्षेत्र को निवेश, रोजगार और निर्यात वृद्धि का प्रमुख आधार माना है। सरकार ने स्पष्ट किया कि विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), एमएसएमई व स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किए बिना राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई नहीं दी जा सकती, इसीलिए बायोफार्मा सेक्टर के लिए 5 साल में 10,000 करोड़ रुपए का प्रावधान और एमएसएमई व टेक्सटाइल के आधुनिकीकरण के लिए फंड की घोषणा की गई है। जानिए किन-किन चीजों पर फोकस किया गया है…
-नए औद्योगिक क्षेत्रों और क्लस्टरों के विकास पर जोर। बुरहानपुर और पीथमपुर जैसे क्षेत्रों में कारखानों को अपग्रेड करने के लिए विशेष फंड।
-औद्योगिक कॉरिडोर और लॉजिस्टिक पार्कों के विस्तार की योजना।
-उद्योगों को गुणवत्तापूर्ण बिजली, पानी और सड़क कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने पर फोकस।
-निवेश आकर्षित करने के लिए नीतिगत सुधार और प्रक्रियाओं का सरलीकरण।
-सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) को वित्तीय और तकनीकी सहायता।
-स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लि विशेष योजनाएं कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए उद्योगों की जरूरत के अनुरूप मानव संसाधन तैयार करना।
-निर्यातोन्मुख इकाइयों को बढ़ावा देने की नीति।
-स्वरोजगार और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देकर रोजगार सृजन पर बल।
सरकार ने बजट में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए 48 औद्योगिक पार्क विकसित करने की योजना पर काम तेज करने का ऐलान किया है। सरकार ने इन पार्कों के माध्यम से निवेश को आकर्षित करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन बढ़ाने और क्षेत्रीय असंतुलन को कम करने का लक्ष्य रखा है।
विशेष रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए विशेष पैकेज को मंजूरी दी है। इस कदम से लंबे समय से पिछड़े माने जाने वाले क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगीं और युवाओं को स्थानीय स्तर पर अवसर मिलेंगे।