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21 हजार करोड़ से डेवलप होंगे एमपी के ’55 जिले’, बढ़ेगी एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी

MP News: बजट मध्यप्रदेश राज्य के सभी 55 शहरों को आधुनिक, हरित और सुगठित बनाने की दिशा में बड़ा संकेत देता है।
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भोपाल

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Astha Awasthi

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Updated: 19 Feb 2026, 12:25 PM IST

MP development

MP development (Photo Source- freepik)

MP News: बजट में सरकार ने 2047 तक के विकास और 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा है। सड़कों से लेकर स्मार्ट शहरों तक, औद्योगिक कॉरिडोर से लेकर धार्मिक और ईको-टूरिज्म सर्किट और निवेश आकर्षित करने से लेकर स्थानीय रोजगार सृजन तक फोकस किया है।

बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार, शहरी पुनर्रचना, औद्योगिक क्लस्टर विकास और पर्यटन स्थलों के उन्नयन को आर्थिक गति का आधार माना गया है। नई औद्योगिक नीतियों, लॉजिस्टिक्स हब, एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी, मेट्रो और नगरीय परिवहन परियोजनाओं के साथ सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था नहीं रहेगा, बल्कि विनिर्माण, सेवा और पर्यटन क्षेत्र में भी मजबूत पहचान बनाएगा।

दीर्घकालिक ढांचा तैयार करना चाहती सरकार

बजट मध्यप्रदेश राज्य के सभी 55 शहरों को आधुनिक, हरित और सुगठित बनाने की दिशा में बड़ा संकेत देता है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने शहरी बुनियादी ढांचे, आवास और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता में रखा है। बजट में साफ दिखाई देता है कि सरकार तेजी से बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक ढांचा तैयार करना चाहती है। मेट्रो, ई-बस, जल-सीवरेज और आवास जैसी मूलभूत जरूरतों पर विशेष फोकस किया गया है। स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का प्रयास भी इसमें दिखता है है।

शहरी बुनियादी ढांचा और परिवहन

  • वार्ड स्तरीय विकास के तहत 5000 करोड़ रुपए का लक्ष्य
  • भोपाल और इंदौर सहित प्रमुख शहरों में मेट्रो विस्तार पर जोर।
  • पीएम ई-बस योजना के तहत बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी।
  • अमृत 2.0 के अंतर्गत जल आपूर्ति और सीवरेज नेटवर्क सुदृढ़ करने के लिए 3467 करोड़ रुपए का प्रावधान।

आवास और स्थानीय सशक्तीकरण

-आगामी वर्षों में 10 लाख नए शहरी आवासों का लक्ष्य। पीएम आवास योजना के लिए 2316 करोड़, शहरी सड़कों के लिए 349 करोड़।

-इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति के जरिए योजनाबद्ध शहरी विस्तार पर बल।

-शहरी निकायों को अनुदान और वित्तीय सहायता से सेवा क्षमता मजबूत करने की योजना।