MP News: नियम तोड़कर करोड़ों की राशि खर्च, सैकड़ों पद खाली, अवैध आउटसोर्स नियुक्तियां और कॉलेजों को बिना मापदंड संबद्धता देने से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य संकट में आ गया।
CAG Report: कैग ने प्रदेश की इकलौती मेडिकल यूनिवर्सिटी (एमयू) जबलपुर की कई गंभीर अनियमितताएं पकड़ीं। इसका खामियाजा मेडिकल कॉलेजों और हजारों विद्यार्थियों को भुगतना पड़ा। एमयू ने नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेजों, संस्थानों से जुड़े डेटा वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया। इससे यह पता नहीं चला कि किस संस्थान को किस कोर्स के लिए संबद्धता है और कितने विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। नतीजा, कई छात्र छले गए।
मापदंडों के अनुसार संसाधन व इन्फ्रास्ट्रक्चर न होने के बाद भी कॉलेजों को संबद्धता दी गई। कैग की टीम ने 76 संस्थानों का निरीक्षण किया तो 32 में कमियां मिलीं। इतना ही नहीं, एमयू ने स्वीकृत पदों पर भर्ती नहीं की, लेकिन तय संख्या से ज्यादा आउटसोर्स कर्मी नियुक्त कर कंपनी को 84 लाख रुपए का भुगतान कर दिया। एमयू की 2020 से 2022-23 तक की ऑडिट पर विधानसभा में पेश कैग रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ। (MP News)