
shahpura railway overbridge collapse on Jabalpur-Bhopal National Highway (Patrika.com)
Shahpura Railway Overbridge Collapse: जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे (NH 45) पर शहपुरा-भिटौनी में हाईवे पर बनाए गए पुल का दूसरा हिस्सा रविवार को धंस गया। जबलपुर से 40 किलोमीटर दूर पुल के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन बंद हो गया। इससे पुल के दोनों ओर लम्बा जाम लग गया। छोटे वाहनों को भेड़ाघाट से सिहोदा और बड़े वाहनों को भेड़ाघाट से किसरौंध होते हुए डायवर्सन दिया गया है।
उधर, भोपाल से जबलपुर आने वाले वाहनों को पाटन होकर डायवर्सन दिया गया है। पुल का एक हिस्सा दो महीने पहले क्षतिग्रस्त होने के बाद ट्रैफिक वन वे कर दिया गया था। इसी हिस्से में पुनर्निर्माण के दौरान पुल का दूसरा हिस्सा भी धंस गया। पुल के नीचे रेलवे ट्रैक है। गनीमत है कि रेलवे ट्रैक के ऊपर के हिस्से में पुल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। (MP News)
इससे पहले 18 दिसंबर 2025 को पुल का एक हिस्सा धंस गया था। रेलवे ओवरब्रिज है काफी समय से जर्जर था। इस पुल का निर्माण 5 साल पहले किया गया था। एक हिस्सा गिरने पर एक तरफ की सडक़ बंद कर यातायात वन वे कर दिया गया था। हादसे के बाद क्षेत्रीय लोगों ने हादसे की आशंका जताई थी। क्योंकि पुल के एक हिस्से में जैक लगाए थे।
यह सडक़ नेशनल हाईवे अथॉरिटी के पास है। जिस जगह पुल बनाया गया है, वहां की सडक़ का निर्माण एमपीआरडीसी ने किया था। अंधमूक बायपास से हिरन नदी के बीच 55 किलोमीटर में 391 करोड़ की लागत से सडक़ का निर्माण बांगड़ कंपनी ने किया था। एमपीआरडीसी के अधिकारियों कहना है कि पुल की एक साइड पहले गिर गई थी, दूसरा हिस्सा भी धंस गया है। ठेकेदार के स्तर पर निर्माण में चूक हुई, इसलिए पुल का दोबारा निर्माण उसी ठेकेदार से कराया जाएगा।
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार शहपुरा-भिटौनी में दोनों बार रेलवे ओवर ब्रिज की रिटेनिंग वॉल का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। यह हिस्सा पैनल लॉकिंग पर टिका होता है। लॉकिंग का पैनल खुलने पर अन्य पैनल लूज होने से पूरा हिस्सा धंस जाता है। पुल की दोनों रिटेनिंग वॉल वाले हिस्से निर्माण के पांच साल के अंदर क्षतिग्रस्त होने से गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
ओवरब्रिज धंसने के बाद ग्रामीण और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी ब्रिज पर धरने (Youth Congress Protest) पर बैठ गए। ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष संजय यादव और बरगी विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष विवेक सिंघई ने आरोप लगाया कि पूर्व में एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था, तब दूसरी तरफ यातायात रोकने की मांग की गई थी। लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। पौंड़ी रेलवे फाटक खोलने के लिए एसडीएम को पत्र भेजे, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया।
स्थानीय लोगों ने निर्माण में लापरवाही और घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सडक़ से गुजरने पर टोल टैक्स देना पड़ता है। उन्होंने पुल बनाने वाले ठेकेदार और तत्कालीन अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है।
बांगड़ कंस्ट्रक्शन कंपनी ने पुल बनाया था। रखरखाव की जिम्मेदारी भी कम्पनी की है। इसलिए पुल का निर्माण बांगड़ कंपनी से ही कराया जाएगा।- राजेश मोरे, प्रभारी अधिकारी, एमपीआरडीसी
शहपुरा रेलवे ओवरब्रिज धंसकने की जांच की जा रही है। भोपाल से एमपीआरडीसी का विशेष जांच दल जबलपुर आ रहा है। इसमें संस्थान के विशेषज्ञ भी शामिल हैं। जांच दल पहले और रविवार को ओवरब्रिज धंसकने की जांच करेगा। डायवर्सन के लिए शहपुरा डिपो के पास पुराने रेलवे फाटक को खुलवाने के लिए डीआरएम से बात की है। जल्द ही अनुमति मिल जाएगी।- राघवेंद्र सिंह, कलेक्टर
Updated on:
22 Feb 2026 11:54 pm
Published on:
22 Feb 2026 11:53 pm
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
