
Bhopal news: एमपी में पांच जिलों को मिलाकर बनाए जा रहे ग्रेटर भोपाल की पहली रोड की स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। भोपाल की प्लानिंग एरिया और इससे की सीमाओं को बाहर अन्य जिलों जोड़कर 65 किमी लंबा और 60 मीटर चौड़ा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तय किया गया है। जिले के बगरोदा इंडस्ट्रियल एरिया के पास से ये शुरू होगा जो आदमपुरा छावनी, झारियाखेड़ी, हज्जामपुरा, अचारपुरा, चंदूखेड़ी होते हुए धामनिया जैसे चिन्हित इंडस्ट्रियल क्षेत्रों तक जाएगा।
वर्तमान में जिले के इंडस्ट्रियल क्षेत्र तक पहुंचने कोई कॉरिडोर नहीं है। इससे 45 मिनट में सभी इंडस्ट्रियल क्षेत्र से गुजरा जा सकेगा। स्थिति ये बनेगी कि इंडस्ट्रियल एरिया के भारी वाहन शहरी सीमा से 20 किमी दूर ही रहेंगे। इसका लाभ भी इन्हें मिलेगा। रोजाना 1500 ट्रकों का ईंधन खर्च छह लाख रुपए तक घटेगा। यानी अभी जो ईधन खर्च 26 लाख रुपए रोजाना है वह 20 लाख रुपए तक रह जाएगा। टीएंडसीपी ने भोपाल मास्टर प्लान में इसे तय कर दिया है। अगले दस साल में इसका निर्माण करने की समय सीमा भी तय की।
-बगरोदा से शुरू होकर सेमरीखुर्द और चोर सगोनी वनक्षेत्र, कोलुआखेड़ी, आदमपुर छावनी, घोड़ा पछाड़ डैम के पास झारियाखेड़ी से विदिशा रोड पर मिलेगा। यहां से सूखी सेवनिया को बायपास करते हुए इस्लामनगर, ईंटखेड़ी सड़क, हज्जामपुरा, अचारपुरा, खेजड़ादेव, चंदूखेड़ी, परवलिया सड़क, खोर होते हुए धामनिया के पास से सीहोर इंदौर की ओर जा रहे स्टेट हाइवे से मिल जाएगा।
-इसलिए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर -ग्रेटर भोपाल यानी भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन के तहत इंडस्ट्री पर फोकस किया। इस कॉरिडोर को पूरी आउटर क्षेत्र से गुजारा है, ताकि हर जिले से जुड़े इंडस्ट्री की जगह तय हो जाए। आयात निर्यात में रोड की कमी न खले।
-भोपाल बायपास को ग्रोथ कॉरिडोर के तौर पर तय किया जा रहा है। यहां मिक्स लैंड्यूज के तहत आवासीय व व्यावसायिक निर्माण के लिए असीमित एफएआर की राह बनी है। ऐसे में यहां से पंद्रह किमी तक की दूरी वाले इस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में लोगों को रोजगार के अवसर देना है।
-ग्रेटर भोपाल के तहत ग्रोथ कॉरिडोर व इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पास के जिलों को भोपाल से मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। संभव है आगामी समय में शहर के मुख्य केंद्र इन दोनों कॉरिडोर के आसपास ही हो जाएं।
-इस कॉरिडोर पर एग्रो-प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज, लॉजिस्टिक्स पार्क और सस्ती ग्रुप हाउसिंग के नए अवसर बनेंगे।
मेट्रोपॉलिटिन रीजन के तहत ये कॉरिडोर आसपास के शहरों को भोपाल से जोड़ेगा। एक नया रास्ता भोपाल समेत संबंधित जिलों को लाभदेगा। - कर्मवीर शर्मा, संभागायुक्त
-स्मार्ट फ्रेट व एग्रो कॉरिडोर की संभावना बढ़ेगी। मंडीदीप-विदिशा-इंदौर इंडस्ट्रियल लिंक होगी।
-यह सड़क सिर्फ एक बायपास नहीं, बल्कि प्रदेश के दो बड़े औद्योगिक और कृषि केंद्रों को जोड़ेगा। मंडीदीप के उद्योगों जिसमें फार्मा, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल को माल भेजने और मंगाने के लिए नया सीधा रूट होगा।
-इसी तरह विदिशा-रायसेन के किसानों और अनाज व्यापारियों के लिए इंदौर/भोपाल मंडी तक पहुंचने का आसान रास्ता बनेगा।