मतदाताओं के जोश के सामने ठंडे पड़े धूप के 'तेवर', 6 सीटों पर 74 फीसदी वोटिंग; 2014 से 9 % ज्यादा
भोपाल.लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के देश की 71 सीटों पर सोमवार को वोटिंग हुई। चौथे चरण में मध्यप्रदेश की छिंदवाड़ा , बालाघाट, सीधी, शहडोल, जबलपुर और मंडला संसदीय सीट पर वोटिंग हुई। मध्यप्रदेश के वोटरों में वोटिंग को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिला। भीषण गर्मी के बाद भी प्रदेश की छह सीटों का वोटिंग प्रतिशत 74 फीसदी से ज्यादा रहा। 2014 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार इन छह सीटों पर 9 फीसदी अधिक वोटिंग हुई है। लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव के आधार पर इन छह सीटों पर चार फीसदी कम वोटिंग हुई है।
छुटपुट घटनाओं के बीच शांतिपूर्वक रहा मतदान
मध्यप्रदेश की छह सीटों पर शांति पूर्वक वोटिंग हुई। तो कहीं छिटपुट घटनाओं के बीच प्रदेश का पहला चरण संपन्न हुआ। तो कई क्षेत्रों में ईवीएम मशीनों की गड़बड़ी का भी मामला सामने आया। मतदान को लेकर महिलाओं में उत्साह देखने को मिला। तो वहीं, वोटिंग से पहले नक्सलियों ने बालाघाट में निर्दलीय उम्मीदवार के वाहन को आग के हवाले कर दिया।
छिंदवाड़ा में सबसे ज्यादा तो सीधी में सबसे कम वोटिंग
मध्यप्रदेश की छह संसदीय सीटों पर सीधी में सबसे कम वोटिंग हुई वहीं, मुख्यमंत्री कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई। छिंदवाड़ा में इस बार 82.00 फीसदी तो सीधी में 64.16 फीसदी मतदान हुआ। हालांकि 2014 के मुकाबले में इन दोनों ही सीटों पर ज्यादा वोटिंग हुई।
छिंदवाड़ा उपचुनाव में भी वोटिंग
लोकसभा की छह सीटों के साथ छिंदवाड़ा विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ। इस सीट से मुख्यमंत्री कमलनाथ चुनाव लड़ रहे हैं। कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद कांग्रेस विधायक दीपक सक्सेना ने इस सीट से अपना इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद यहां उपचुनाव हुए थे। छिंदवाड़ा विधानसभा में 78.93 फीसदी वोटिंग हुई जबकि 2018 के विधानसभा चुनाव में यहां 79 फीसदी वोटिंग हुई थी।
2014 और 2019 की वोटिंग में कितना अंतर
2014 में इन छह सीटों पर कुल 65.26 फीसदी मतदान हुआ तो वहीं, इस बार इन छह सीटों पर 74 फीसदी मतदान हुआ है।
| संसदीय सीट | 2019 में मतदान प्रतिशत | 2014 में मतदान प्रतिशत |
| सीधी | 64.16 फीसदी | 56.86 फीसदी |
| मंडला | 76.90 फीसदी | 66.71 फीसदी |
| बालाघाट | 76.96 फीसदी | 68.21 फीसदी |
| जबलपुर | 69.37 फीसदी | 58.53 फीसदी |
| शहडोल | 75.04 फीसदी | 62.20 फीसदी |
| छिंदवाड़ा | 82.00 फीसदी | 79.05 फीसदी |