
भोपाल। इस बार शासकीय कॉलेजों के शिक्षक और अधिकारियों को भी 7वें वेतनमान का लाभ मिलने वाला है। हाल ही में हुई मंत्रिपरिषद ने यह निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद मध्यप्रदेश के शिक्षकों और अधिकारियों में खुशी की लहर है।
मध्यप्रदेश की मंत्रिपरिषद ने शासकीय कॉलेजों के शिक्षकों और अधिकारियों को 7th pay commission देने का फैसला कर लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में पिछले सप्ताह हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला हो गया।
इस फैसले के मुताबिक कॉलेजों के शिक्षकों और उनके समकक्ष संवर्गों में काम कर रही सभी अधिकारी और विश्वविद्यालयों के कुल सचिवों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के संशोधनों के अनुरूप 7वें वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। यह वेतनमान 1 जनवरी 2016 से लागू माना जाएगा।
32 माह का मिलेगा एरियर
मध्यप्रदेश के शासकीय कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों और अधिकारियों के अब अच्छे दिन आ गए हैं। उनके हाथों में अब 7वें वेतनमान का पैसा होगा। साथ ही उन्हें 32 माह का एरियर्स भी दिया जाएगा। सातवां वेतनमान पाने वालों में इसे लेकर काफी उत्साह है, क्योंकि इस बार दीपावली पर उन्हें बढ़ा हुआ वेतनमान तो मिलेगा ही साथ ही 32 माह का एरियर्स भी दे दिया जाएगा।
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एक ही किस्त में मिल जाएगा पूरा पैसा
सरकार के निर्णय के मुताबिक सभी अधिकारियों और शिक्षकों को 1 जनवरी 2016 से लेकर 31 अगस्त 2018 तक का एरियर्स एक ही किस्त में मिल जाएगा। यह पैसा इन्हीं जल्द ही सामान्य भविष्यनिधि खाते में जमा कर दिया जाएगा।
इन कर्मचारियों को मिलेगा अब 9 फीसदी महंगाई भत्ता
मध्यप्रदेश में रहने वाले एक लाख केंद्रीय कर्मचारियों की भी इस बार दिवाली अच्छ मनने वाली है। क्योंकि मोदी सरकार ने बड़ा तोहफा देते हुए महंगाई भत्ते में दो फीसदी का इजाफा कर दिया है। पहले 7 फीसदी भत्ता दिया जाता था, अब 2 फीसदी बढ़कर 9 प्रतिशत हो गया है। मोदी सरकार के इस फैसले के बाद अब मध्यप्रदेश सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स भी महंगाई भत्ते में बढ़ोत्तरी का इंतजार कर रहे हैं। क्योंकि केंद्र की मोदी सरकार की तर्ज पर ही शिवराज सरकार भी कर्मचारियों के लिए फैसले ले रही है।
-महंगाई भत्ता बढ़ाने का फायदा केंद्र सरकार के सवा करोड़ कर्मचारियों पर पड़ेगा। इनमें 48.41 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 62.03 लाख पेंशनभोगी शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ की तरह इन्हें भी मिले लाभ
मध्यप्रदेश के लेखापाल संवर्ग कर्मचारी को 1 अप्रैल 2006 से स्वीकृत समयमान के स्थान पर छत्तीसगढ़ शासन की तर्ज पर क्रमोन्नत वेतनमान देना चाहिए। इस संबंध में सेवानिवृत्त लेखापाल संवर्ग ने पेंशनर एसोसिएशन से चर्चा की। मध्यप्रदेश सरकार का लेखापाल संवर्ग कर्मचारी बेहाल है। 5वे-6वें और 7वें वेतनमान के बाद भी लेखापाल सहायक ग्रेड-3 एवं 2 कम वेतन, पेंशन प्राप्त कर रहा है। इसलिए इन्हें भी छत्तीसगढ़ की तरह ही वेतनमान देना चाहिए।
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