DA Hike-राज्य सरकार के कर्मचारियों में गुस्सा, जब महंगाई सबके लिए समान है तो भत्ते अलग-अलग क्यों...।
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने भी अपने 7 लाख से अधिक कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA Hike) 34 फीसदी कर दिया। लेकिन एमपी के यह कर्मचारी थोड़े दिन में फिर केंद्र सरकार के कर्मचारियों से पिछड़ जाएंगे, क्योंकि केंद्र अपने कर्मचारियों के लिए 38 फीसदी महंगाई भत्ता करने जा रही है। इधर, राज्य सरकार की नीतियों को लेकर एमपी के कर्मचारियों में काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि एक ही राज्य में अलग-अलग महंगाई भत्ता (dearness allowance ) देकर राज्य सरकार अपने ही कर्मचारियों से भेदभाव कर रही है।
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव उमाशंकर तिवारी (uma shankar tiwari) ने कहा है कि हाल ही में अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को जिस प्रकार महंगाई भत्ता बढ़ाया गया है, उससे उनकी तो अगले महिने ही दिवाली मन जाएगी। अखिल भारतीय सेवा जिसमें आइएएस, आइपीएस और आइएफएस के अधिकारी होते हैं, इन्हें 2 से 2.50 लाख रुपया एरियर दिया जाएगा। वो भी उन्हें इसका भुगतान नकद दिया जाएगा। जबकि राज्य के कर्मचारियों को एरियर उनकी पीएफ फंड में जोड़ दिया जाता है। इसके साथ ही अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को केंद्रीय तिथि से महंगाई भत्ता दिया गया है, जबकि राज्य सरकार ने अपने सात लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों को 7 माह देरी से महंगाई भत्ता देकर 750 करोड़ रुपए बचा लिए।
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तिवारी ने कहा कि जब राज्य में अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए महंगाई समान है, तो महंगाई भत्ते में भेदभाव क्यों किया जाता है। तिवारी ने मुख्यमंत्री (shivraj singh chauhan) से कई बार राज्य के कर्मचारियों को केंद्रीय दर और केंद्रीय तिथि से महंगाई भत्ता/राहत देने की मांग की, लेकिन उनके वायदे के बावजूद आदेश नहीं निकाले जाते हैं। ऐसे में इसका नुकसान प्रदेश के 7 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को उठाना पड़ रहा है।
केंद्र सरकार फिर बढ़ाएगी महंगाई भत्ता
इधर, खबर है कि केंद्र सरकार फिर से अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 34 से बढ़ाकर 38 प्रतिशत करने वाली है। जल्द ही इसका ऐलान हो सकता है। केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) में मौजूदा स्ट्रक्चर में कर्मचारी और पेंशनर्स को 34 फीसदी की दर से DA और DR का भुगतान हो रहा है, सितंबर के बाद 38% की दर से भुगतान किया जा सकता है। एक अनुमान (Dearness Allowance Hike Calculation) के मुताबिक केंद्र के कर्मचारियों की सैलरी में 15 हजार से अधिक का इजाफा होगा।