भोपाल

फांसी के अलावा ट्विशा के शरीर पर मिलीं 6 अन्य चोटें, कोर्ट में सास और पति को पड़ रहीं भारी

Twisha Sharma Case- फांसी के अलावा ट्विशा शर्मा के शरीर पर आधा दर्जन चोटें मिलीं हैं जोकि सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को भारी पड़ रहीं, पूर्व जज की अग्रिम जमानत निरस्त होने में यह तथ्य बड़ी वजह

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May 28, 2026
Additional Injuries Found on Twisha Sharma Body Prove Costly for Giribala Singh

Twisha Sharma Case -ट्विशा शर्मा केस में भोपाल की पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी गई है। इस संबंध में जबलपुर हाईकोर्ट ने गुरुवार देर रात 1 बजे आदेश जारी किए। कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले पर भी सख्त टिप्पणी की। हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने केस डायरी और साक्ष्यों की ठीक से जांच नहीं की। मृतका के शरीर पर आए चोटों के कई निशानों के संबंध में भी आरोपी पक्ष संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सका था। ऐसे में उन्हें अग्रिम जमानत का लाभ देना उचित प्रतीत नहीं होता। दरअसल फांसी के अलावा ट्विशा शर्मा के शरीर पर आधा दर्जन चोटें मिलीं हैं जोकि सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को भारी पड़ रहीं हैं। पूर्व जज की अग्रिम जमानत निरस्त होने में यह तथ्य बड़ी वजह बना है।

मृतका के पिता नवनिधि शर्मा की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया कि व्हाट्सऐप चैट्स में पति और ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ना, गर्भ पर संदेह और गर्भपात के लिए दबाव की बातें सामने आईं। आरोप लगाया गया कि ससुराल पक्ष मृतका को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था और उसके चरित्र पर संदेह करता था। यह भी कहा गया कि गिरिबाला सिंह ने जमानत मिलने के बाद प्रेस कान्फ्रेंस कर मृतका की छवि खराब करने की कोशिश की।

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फांसी के अलावा ट्विशा शर्मा के शरीर पर छह अन्य चोटें भी मिलीं

अभियोजन पक्ष ने हाईकोर्ट को बताया कि पोस्टमार्टम में फांसी के अलावा ट्विशा शर्मा के शरीर पर छह अन्य चोटें भी मिलीं थीं। इन चोटों को लेकर ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह आरोपों के घेरे में हैं।

तर्क दिया कि जांच शुरुआती चरण में, आरोपित का कस्टोडियल इंटरोगेशन जरूरी

हाईकोर्ट में सीबीआई और राज्य सरकार ने यह तर्क भी दिया कि जांच शुरुआती चरण में है और आरोपित का कस्टोडियल इंटरोगेशन जरूरी है। महाधिवक्ता (AG) प्रशांत सिंह ने राज्य सरकार का पक्ष रखा जबकि ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा की ओर से उनके वकील सिद्धार्थ लूथरा पेश हुए। पूर्व जज गिरिबाला सिंह की ओर से अधिवक्ता नित्या ने बचाव किया।

ट्रायल कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर पर्याप्त विचार नहीं किया

सभी पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने माना कि ट्रायल कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर पर्याप्त विचार नहीं किया। इसी के साथ हाईकोर्ट ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत निरस्त करने का फैसला करते हुए आदेश जारी कर दिया है।

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Updated on:
28 May 2026 07:25 am
Published on:
28 May 2026 07:18 am
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