18 जुलाई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मोहन सरकार ने लखन पटेल को क्यों सौंपा ‘आनंद’ विभाग? जानिए इसकी पूरी कहानी

Happiness Department MP- भूटान से प्रेरित है यह विभाग, तत्कालीन शिवराज सरकार ने 2016 में स्थापित किया दुनिया का तीसरा आनंद संस्थान, लखन पटेल को दी है जिम्मेदारी...।
2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Manish Geete

Jul 18, 2026

Lakhan Patel

MP Anand Department

MP Anand Department- मध्यप्रदेश का आनंद विभाग इन दिनों देशभर में सुर्खियों में है। इसके पीछे की वजह मंत्री लखन पटेल हैं, जिनसे पशुपालन का एकाएक जिम्मा वापस लेते हुए मोहन सरकार ने आनंद संस्थान की जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि पशुपालन से मंत्री लखन पटेल की छुट्टी हुए दो दिन हो चुके हैं लेकिन अब तक वे आनंद संस्थान नहीं पहुंचे। इन सुर्खियों से हटकर यह संस्थान प्रदेश ही नहीं देश-दुनिया के लिए अनोखी पहल के रूप में भी पहचाना जाता है। आइए जानते हैं क्या है मध्यप्रदेश का आनंद संस्थान।

ऐसी है प्रशासनिक व्यवस्था

मध्यप्रदेश राज्य के आनंद विभाग में सबसे ऊपर प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह हैं। फिर एक सीईओ जो रिटायर प्रशासनिक अधिकारी होते हैं। फिर दो निदेशक होते है। जो अभी प्रवीण गंगराड़े और सत्यप्रकाश आर्य है। इसके अलावा स्टेट प्रोग्राम समन्वयक सहित अन्य लोग शामिल हैं।

ऐसी पहल करने वाला देश का पहला

मध्यप्रदेश के लोगों को आर्थिक, सामाजिक के साथ आंतरिक रूप से संपन्न बनाने के लिए तत्कालीन शिवराज सरकार ने 2016 में आनंद विभाग की स्थापना की थी। यह पहल भूटान के सकल राष्ट्रीय खुशी मॉडल से प्रेरित है। जो आर्थिक विकास के साथ मानसिक प्रसन्नता को भी महत्व देती है। बता दें, आनंद विभाग की शुरुआत करने वाला मध्य प्रदेश विश्व का तीसरा और देश का पहला राज्य है। संस्थान के राज्य कार्यक्रम समन्वयक अभिषेक शर्मा ने बताया, विभाग द्वारा स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा सहित ग्राम पंचायतों तक कई प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। जिसे प्रमुख रूप से हमारे ट्रेंड वॉलंटियर्स चलाते हैं। अभी संस्थान द्वारा आनंद उत्सव, आनंदम, आनंद क्लब, अल्पविराम, आनंद सभा, आनंद ग्राम सहित कई कार्यक्रम हर आयुवर्ग के लिए चलाए जा रहे हैं।

बजट 15 करोड़ का लेकिन खर्च सिर्फ 5 करोड़

आनंद विभाग का कुल सालाना बजट सिर्फ 15 करोड़ का है। लेकिन संस्थान सालाना सिर्फ 4 से 5 करोड़ ही खर्च करता है। क्योंकि विभाग में ज्यादातर कार्य नि:शुल्क हैं। पूरे विभाग में 28 लोग काम करते हैं, बजट का सबसे ज्यादा खर्च तनख्वाह में जाता है। जिलों में कोई दफ्तर नहीं है। एकमात्र दफ्तर भोपाल में है।

इतने आनंद के बाद भी मंत्री लखन दूर…!

जिस आनंद विभाग द्वारा लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लाया है उससे मंत्री लखन पटेल ने शुक्रवार तक दूरी बनाए रखी। पटेल ने शुक्रवार को भी विभाग की जिम्मेदारी नहीं संभाली। इसे लेकर राजनीतिक अटकलें भी लग रही हैं। उनसे इस संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।