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गर्भवती हुई ट्विशा, दी गलत दवाइयां, मारकर लटका दिया, डायरी में अहम सबूत

पूर्व जज के घर पहुंची सीबीआई, आधे घंटे पूछताछ, कटारा हिल्स थाने में पति के भी लिए बयान, 500 पन्ने की डायरी टेकओवर

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CBI conducts investigation at the residence of retired Judge Giribala

CBI conducts investigation at the residence of retired Judge Giribala

Twisha Sharma Case - भोपाल में फिल्म एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने एफआइआर दर्ज करने के दूसरे ही दिन जांच शुरू कर दी। इससे पहले पुलिस कमिश्नर संजय कुमार और सीबीआइ अफसरों के बीच केस पर लंबी बातचीत हुई। पुलिस ने सीबीआई अधिकारियोें को केस डायरी सौंपी। डायरी में दोनों पक्षों के आरोप प्रत्यारोपों से संबंधित बयान भी हैं। सास गिरिबाला सिंह का कहना है कि ट्विशा गर्भवती हुई तो तनाव में आ गई। उन्होंने उसके परिजनों पर फिगर मेंटेन रखने के लिए गलत दवाइयां देने का भी आरोप लगाया। इधर ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने ये इल्जाम दोहराया कि बेटी को मारकर लटकाया गया है।

बता दें कि 22 मई को राज्य सरकार ने सीबीआइ जांच की सिफारिश की थी। रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर मेंं मंगलवार को सीबीआइ ने जांच की।

बीते साल दिसंबर में हुई थी शादी

नोएडा की ट्विशा (31) की शादी दिसंबर 2025 में पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के एडवोकेट बेटे समर्थ सिंह से हुई थी। 12 मई की रात को ट्विशा कटारा हिल्स क्षेत्र में घर में फंदे पर लटकी मिलीं।

मायके पक्ष ने लगाया प्रताडऩा का आरोप

ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था। कटारा हिल्स पुलिस ने भी आत्महत्या करार दिया। इसके विपरीत ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताडऩा का आरोप लगाया। उनका आरोप है कि बेटी को मारकर लटकाया गया।

केस के संबंध में सीबीआइ की पांच सदस्यीय टीम ने मंगलवार को ट्विशा की सास पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह से उनके बाग मुगलिया स्थित आवास पर करीब आधे घंटे पूछताछ की। इसके बाद कटारा हिल्स थाने में पति समर्थ सिंह से भी पूछताछ की। सीबीआइ ने गेस्ट हाउस में ट्विशा के माता-पिता और भाई के भी बयान लिए।

डीआइजी रैंक के अफसर को नेतृत्व

दिल्ली से आई सीबीआइ टीम का नेतृत्व डीआइजी रैंक के अफसर कर रहे हैं। इसमें डिप्टी एसपी निशु कुशवाह समेत अन्य महिला सदस्य भी शामिल हैं। बताते हैं, डिप्टी एसपी निशु की महिलाओं के खिलाफ अपराध की जांच में विशेषज्ञता है। इधर, मप्र पुलिस ने सीबीआइ के बीच समन्वय के लिए भोपाल डीसीपी विकास सहवाल को अधिकृत किया है।

500 से ज्यादा पन्नों की डायरी

सीबीआई को भोपाल पुलिस से केस डायरी मिल गई है। 500 से ज्यादा पन्नों की इस डायरी में कई अहम सबूतों और बयानों का जिक्र है। भोपाल पुलिस ने घटना से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी सीबीआइ को सौंप दिए हैं।