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छलका दर्द… ‘क्या न्याय पाने के लिए ट्विशा जैसे मरना पड़ेगा? 14 साल रिश्ता बचाने में जुटी हूं’

Twisha Sharma Case : मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग में दूसरे दिन 21 मामलों में सुनवाई की गई। हालांकि, इस दिन के लिए कुल 41 मामलों को बेंच पर रखा गया था। लेकिन, इनमें से 20 लोग सुनवाई में पहुंचे ही नहीं।

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Twisha Sharma Case

महिला आयोग के दफ्तर में पीड़िता का छलका दर्द (Photo Source- Patrika)

MP State Women Commission : 'मैंने अपनी जिंदगी के 14 साल इस रिश्ते को बचाने में लगा दिए… अब सिर्फ बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रही हूं। कई जगह गई, लेकिन कहीं न्याय नहीं मिला। कभी - कभी लगता है कि, क्या न्याय पाने के लिए ट्विशा की तरह मरना होगा?' राजधानी भोपाल स्थित मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग के दफ्तर में मंगलवार को एक महिला ने अपना ये दर्द सुनाया तो आयोग में मौजूद अकसर लोग भावुक हो उठे।

महिला ने बताया कि, उसकी शादी को 14 साल बीत चुके हैं और उसके दो बच्चे हैं। शुरुआत से ही पति का व्यवहार ठीक नहीं था। वो अकसर नौकरी के बहाने बाहर रहते थे और सप्ताह में सिर्फ एक - दो दिन के लिए घर आते थे।

'पांच नंदे हैं.. आए दिन घर आकर करती हैं परेशान'

एक महिला ने आयोग को बताया कि, उसकी पांच नंद हैं। सभी की शादी हो चुकी है, लेकिन वो आए दिन घर आकर परेशान करती हैं। मेरे पति से भी मारपीट कर चुकीं हैं। बोलती हैं कि, प्रॉपर्टी में हिस्सा चाहिए। पति आर्मी में थे। जेठ - जेठानी मुझे मानसिक प्रताड़ना देते हैं। मेरे बारे में गलत बातें बोलते हैं। बातें सुनकर कभी - कभी तो ऐसा लगता है.. मर जाऊं। पहले दिन आई तो लगा न्याय मिलेगा कुछ होगा, लेकिन दूसरे दिन मुझे एडजस्ट करने की सलाह दी गई। जब तक कोई बड़ा हादसा न हो जब तब कोई नहीं सुनता।

पति का दूसरी महिला से अफेयर

महिला ने आयोग को बताया कि, पति का 2019 से किसी दूसरी महिला के साथ अफेयर भी चल रहा है। एक दिन जब उसने पति का मोबाइल देखा तो उसमें कई संदिग्ध मैसेज मिले। इस बात को लेकर झगड़े भी हुए, लेकिन हर बार उसे ही गलत ठहराया गया। महिला का आरोप है कि, इस पूरे मामले में उसकी सास भी बेटे का साथ देती रही। महिला ने आयोग के सामने कहा कि, अब उसे अपनी नहीं बच्चों के भविष्य की चिंता है। अगर मेरा ख्याल नहीं रखना तो मत रखो, लेकिन बच्चों की जिम्मेदारी तो निभानी होगी। यह कहते हुए वह रो पड़ी। आयोग की अध्यक्ष ने महिला को भरोसा दिलाया कि, मामले की गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

आयोग की बेंच पर रखे गए कुल 41 मामले

आपको बता दें कि, मंगलवार को आयोग की बेंच में कुल 41 मामले रखे गए, जिनमें मानसिक प्रताड़ना, पति के अफेयर, घरेलू विवाद और संपत्ति में हिस्सेदारी से जुड़े कई मामले सामने आए। हालांकि, इसमें से आधे लोग ही सुनवाई में पहुंचे।