
CBI टेकओवर से पहले समर्थ सिंह का एसआईटी के सामने बड़ा दावा (Photo Source- Patrika)
Twisha Sharma Case :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के 'दहेज और मौत' मामले में सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने से पहले ट्विशा शर्मा मामले की जांच कर रही मध्य प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने उनके पति समर्थ सिंह से 3 घंटे से ज़्यादा समय तक पूछताछ की। इस दौरान वकील ने जांचकर्ताओं से फिर दोहराया कि, गर्भपात के बाद उनकी पत्नी ट्विशा काफी परेशान हो गई थी।
महज पांच माह पहले शादी होकर भोपाल में रह रही 'मिस पुणे' विनर ट्विशा शर्मा 12 मई को कथित तौर पर शहर के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फांसी फंदे से लटकी हुई मिलीं थीं। जहां एक ओर उनके ससुराल वालों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने उनकी मौत का कारण आत्महत्या बताया है तो वहीं ट्विशा का परिवार इस मामले में किसी साजिश की आशंका जता रहा है।
समाचार एजेंसी एएनआई ने एमपी पुलिस के सूत्रों के हवाले से जानकारी देते हुए कहा कि, एसआईटी ने घटनास्थल का दो घंटे से अधिक समय तक रिक्रिएशन किया है। इससे पहले एसआईटी ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह से लगभग 3 घंटे तक पूछताछ भी की।
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से जानकारी देते हुए कहा कि, समर्थ ने एसआईटी को जानकारी दी कि, गर्भपात के बाद ट्विशा काफी परेशान थी। इससे पहले, पूछताछ के पिछले दौरों के दौरान उसने दावा किया था कि, ट्विशा को अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में पता चलने के बाद उनके रिश्ते में खटास आ गई थी।
एएनआई ने सूत्रों के हवाले से किए एक अन्य दावे में ये भी कहा कि, जब समर्थ से उसके फरार रहने के कारण के बारे में पूछताछ की गई तो उसने बार-बार जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की। पूछताछ के दौरान उसने अपने इस दावे को दोहराया कि, उसने ट्विशा को 7 लाख रूपए दिए थे। फिलहाल, एसआईटी ने समर्थ का लैपटॉप, मोबाइल फोन, पासपोर्ट, आधार कार्ड और अन्य अहम दस्तावेज़ ज़ब्त किए हैं। पुलिस लैपटॉप और मोबाइल को गहन जांच में लेगी।
सोमवार को सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज कर औपचारिक रूप से जांच हाथ में ले ली है। आज से इसकी प्रक्रिया शुरु की जा रही है। ये कदम तब उठाया गया जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी।
CBI ने ट्विशा शर्मा के पति और उनकी सास, पूर्व ज़िला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसके लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम की धाराओं का भी इस्तेमाल किया गया, जिन्हें राज्य पुलिस ने भी लगाया था।
दिन की शुरुआत में, एजेंसी ने जांच का जिम्मा संभालने और ज़रूरी दस्तावेज़ और सबूत इकट्ठा करने के लिए भोपाल में अपनी एक स्पेशल क्राइम यूनिट भेजी है। मीटिंग के बाद, CBI की तय प्रक्रिया के मुताबिक, राज्य पुलिस की एफआईआर को अपने केस के तौर पर दोबारा रजिस्टर किया, जिसमें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। बताते चलें कि, भोपाल पुलिस ने ट्विशा की मौत के दो दिन बाद एफआईआर दर्ज की थी।
Updated on:
27 May 2026, 12:41 PM IST
Published on:
26 May 2026, 9:49 AM IST
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