Air Pollution: क्यूआई का स्तर अरेरा हिल्स के मुकाबले कलेक्ट्रट और टीटी नगर में ज्यादा होता है। तीन दिन पहले इस हफ्ते का अधिकतम एक्यूआई कलेक्ट्रेट के पास 157 मापा गया।
Air Pollution: हरियाली के लिए मशहूर झीलों की नगरी भोपाल में खराब हवा से लोगों का दम घुट रहा है। शहर के अंदर कोई फैक्ट्री न होने के बाद भी यहां की हवा की गुणवत्ता एक हजार फैक्ट्री वाले क्षेत्र मंडीदीप से भी ज्यादा खराब है। हफ्ते में छह दिन यहां की हवा प्रदूषण युक्त होती है।
केवल रविवार को ही वायु प्रदूषण से कुछ राहत मिलती है। बावजूद इसके सातों दिन चौबीसों घंटे हवा में फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले पार्टिकल के साथ ओजोन का स्तर ज्यादा रहता है। एयर क्वालिटी मॉनीटरिग सिस्टम से यह आंकड़े सामने आए हैं।
बाकी दिनों में एक्यूआई का स्तर इससे 10 से 20 फीसदी बढ़ जाता है। अरेरा हिल्स के मुकाबले कलेक्ट्रट और टीटी नगर में प्रदूषण ज्यादा होता है। तीन दिन पहले इस हफ्ते का अधिकतम एक्यूआई कलेक्ट्रेट के पास 157 मापा गया। टीटी नगर में भी यही स्थिति रही। पर्यावास भवन के पास चार दिन का औसत इंडेक्स 100 से नीचे रहा। यानी यहां की हवा साफ रही। टीटी नगर में हवा का स्तर पीएम 10 रहा। कलेक्ट्रेट के पास कार्बन मोनो आक्साइड की मात्रा वाहनों का धुंओं के कारण ज्यादा मिली।
मंडीदीप क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार शाम छह बजे एक्यूआई 122 मापा गया। जबकि, इस क्षेत्र में दर्जनों इंडस्ट्रीज हैं। बावजूद इसके शहरी क्षेत्र से यहां की हवा साफ रही। इससे रिपोर्ट पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वाहनों व उद्योगों से उत्सर्जन से छोटे पीएम2.5 प्रदूषक अहम योगदान निभाते हैं, निर्माण के वक्त उड़ने वाली धूल मोटे पीएम 10 प्रदूषकों को जन्म देती है। पेड़ों के कम होने से ऑक्सीजन की कमी होती है।
टीटी नगर, पर्यावास भवन और कलेक्ट्रेट के पास एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग सिस्टम के अनुसार हफ्ते में छह दिन शहर की हवा ज्यादा प्रदूषित हो जाती है। रविवार को एयर क्वालिटी कलेक्ट्रेट 108, पर्यावरण परिसर 101 और टीटी नगर में 115 थी। हवा की गुणवत्ता बाकी दिन के मुकाबले बेहतर रही।
औद्योगिक क्षेत्र में शहरी क्षेत्र के मुकाबले प्रदूषण ज्यादा होता है। लेकिन कई बार तेज हवा और तापमान भी हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। शहरी क्षेत्र में ज्यादा प्रदूषण की वजह निर्माण कार्य और वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल है।
बृजेश शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड