mp news: राज्य सरकार ने 313 ब्लॉक में एक-एक वृंदावन ग्राम तैयार करने का निर्णय लिया है। न्यूनतम दो हजार की आबादी और 500 गोवंश वाले गांव को वृंदावन ग्राम के तहत चयनित किया जा रहा है।
mp news:मध्यप्रदेश की आंगनबाड़ियों को अब वृंदावन ग्रामों से कनेक्ट किया जाएगा। यह कदम वृंदावन ग्रामों में गोपालन के तहत उत्पादित दूध की खपत को सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है। दूध आंगनबाड़ियों को मुहैया कराया जाएगा। इस पर कार्ययोजना तैयार होगी। अन्य गो उत्पादों की मार्केटिंग से लेकर बिक्री का प्लान भी बनेगा। इस पर काम शुरू हो गया है। अगले वित्तीय वर्ष तक अमल हो सकता है।
राज्य सरकार ने 313 ब्लॉक में एक-एक वृंदावन ग्राम तैयार करने का निर्णय लिया है। न्यूनतम दो हजार की आबादी और 500 गोवंश वाले गांव को वृंदावन ग्राम के तहत चयनित किया जा रहा है। सितंबर 2024 में सरकार ने वृंदावन ग्राम बनाने का निर्णय किया था। इसके बाद नीति भी तैयार की गई। अब क्रियान्वयन के लिए गाइडलाइन दी गई है।
सक्रिय ग्राम पंचायत वाले ग्राम को चयनित करना होगा। वृंदावन ग्राम में कृषि से लेकर गोपालन तक होगा। सात विभागों को सीधे तौर पर कनेक्ट किया गया है। गोउत्पादों की खपत आसान हो इसके लिए वृंदावन ग्राम को बड़े शहर के नजदीक ही चयनित किया जाना है।
गो-उत्पादों को लेकर कॉर्पोरेट कनेक्टिविटी से लेकर सोशल कनेक्टिविटी तक का रोडमैप है। गो उत्पाद बेचने में कॉर्पोरेट इंडस्ट्री का सहयोग लिया जाएगा। सामाजिक संस्थाओं को भी इससे जोड़ा जाएगा। इसके तहत मार्केटिंग-बिक्री चेन में बाजार में मौजूदा कंपनियों के साथ टाईअप किया जाना है। हर वृंदावन ग्राम के उत्पादों की लिंक चेन तैयार की जाएगी।
वृंदावन ग्राम में गो उत्पादों की मार्केटिंग से लेकर बिक्री और खपत तक को लेकर प्लान है। इससे आर्थिक सशक्तीकरणकी राह मजबूत होगी।- लखन पटेल, राज्यमंत्री, पशुपालन विभाग
313 वृंदावन ग्राम होने हैं तैयार
07 से ज्यादा विभागों को जोड़ा
04 प्रकार के प्रमुख गोउत्पाद
2000 न्यूनतम आबादी वाले गांव
500 न्यूनतम गोवंश होना जरूरी