भोपाल

अनदेखी से नाराज़ विंध्य के कांग्रेस नेता

अनदेखी से नाराज़ विंध्य के कांग्रेस नेता, पार्टी को भारी पड़ सकती है विंध्य की उपेक्षा

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Jun 10, 2018
Strategy of Congress for Mission 2018

अनदेखी से नाराज विंध्य के कांग्रेस नेता, पार्टी को भारी पड़ सकती है दिग्गजों की उपेक्षा - शहडोल जिला अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा अरुण तिवारी भोपाल : विंध्य के कई कांग्रेसी नेता अनदेखी से नाराज हैं। इन नेताओं को लगता है कि कांग्रेस की चुनाव समितियों में उनको तवज्जो नहीं दी गई। पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ के सामने दिग्गज नेताओं को एकजुट रखना बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है ।

विंध्य में सात जिले और तीस विधानसभा सीट हैं, जाहिर है यदि पार्टी की अंतरकलह शांत नहीं हुई तो नुकसान उठाना पड़ सकता है । विंध्य में कांग्रेस की राजनीति में हमेशा ठाकुर- ब्राह्मण की लड़ाई चलती रही है । बघेलखंड के दो दिग्गज अर्जुन सिंह और श्रीनिवास तिवारी आपस में धुर विरोधी माने जाते थे, वही परंपरा आगे भी नजर आती रही है। नाराज नेता मानते हैं कि पीसीसी में चुनाव को लेकर बनाई गई समितियों में कई वरिष्ठ नेताओं को शामिल न कर विंध्य क्षेत्र की उपेक्षा की गई है । - शहडोल जिला अध्यक्ष का इस्तीफा विंध्य में पार्टी की अंतरकलह भी सतह पर आने लगी है। हाल ही में कमलनाथ के नियुक्त किए गए शहडोल के जिला अध्यक्ष सुभाष गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है ।

गुप्ता ने अपने पत्र में लिखा है कि वो कांग्रेस को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे इसलिए इस्तीफा दे रहे हैं। हालांकि इसके पीछे का कारण कुछ और माना जा रहा है। कमलनाथ ने नीरज द्विवेदी को हटाकर सुभाष गुप्ता को जिला अध्यक्ष बनाया था। गुप्ता पहले पार्टी से निष्कासित किए गए थे। जिले के नेताओं ने इस बात पर आपत्ति उठाई कि निष्कासित नेता को जिला अध्यक्ष नहीं बनाया जा सकता,इसकी शिकायत राहुल गांधी तक पहुंच गई थी, इसीलिए एेसा माना जा रहा है कि अपने विरोध और नेताओं की नाराजगी के चलते सुभाष गुप्ता ने इस्तीफा दे दिया। - इन प्रमुख नेताओं को नहीं मिली जगह विंध्य के डेढ़ दर्जन से ज्यादा नेता एेसे हैं जिनको कांग्रेस ने चुनावी समितियों में शािमल नहीं किया है।

इनमें नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, विधायक सुंदरलाल तिवारी, विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना, विधायक यादवेंद्र सिंह, पूर्व विधायक अजय सिंह, हिमाद्री सिंह, पूर्व विधायक राजेंद्र मिश्रा,उदय प्रकाश मिश्रा, राजाराम त्रिपाठी, राकेश कटारे, दुर्गा यादव,कमलेश्वर द्विवेदी,सईद अहमद और नीरज द्विवेदी जैसे नेता शामिल हैं।

सब जगह सब अंचल के लोग हों ये जरुरी तो नहीं, जो है वो ठीक है। - अजय सिंह नेता प्रतिपक्ष

विंध्य प्रदेश में जो राजनीतिक,संगठनात्मक संतुलन होना चाहिए वो नहीं है, विंध्य का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं हो पाया है, क्या सोच रही पता नहीं। -सुंदरलाल तिवारी विधायक,गुढ़ - किसको क्या मिला ये सोचने का वक्त नहीं है,सबको मिलकर भाजपा को हराना चाहिए। - यादवेंद्र सिंह विधायक,नागौद

Published on:
10 Jun 2018 08:13 am
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