मलेशिया घूमने गए 26 वर्षीय अंकुश डे ने पत्रिका से बयां की अपनी कहानी
भोपाल। राजधानी के इंद्रपुरी के रहने वाले 26 वर्षीय अंकुश डे इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उसकी मलेशिया ट्रिप उसके लिए कितनी बड़ी समस्या खड़ी करने वाली है। हिंदी भाषा का यह सफर अंग्रेजी के (suffer) सफर में बदल जाएगा इसका पता नहीं था। पहले तो अंकुश को 6 दिनों तक कुआलालंपुर इंटरनेशल एयरपोर्ट पर बिताने पड़े और अब पिछले 21 दिन से चेन्नई के ताम्बरम स्थित एयर फोर्स स्टेशन के क्वारंटीन सेंटर में है। पत्रिका से टेलीफोनिक बातचीत में अंकुश ने अपनी पूरी कहानी बयां की।
6 दिन एयरपोर्ट पर बितानी पड़े, इंडियन एंबेसी और एनजीओ ने दिए फूड पैकेट्स
अंकुश ने बताया कि वह 4 मार्च को टूरिस्ट वीजा पर भोपाल से कुआलालंपुर के लिए रवाना हुआ। वापसी की फ्लाइट 18 मार्च को दोपहर 2 बजे थी। लिहाजा सुबह एयरपोर्ट पहुंच गया, वहां पता चला कि सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हैं, ऐसे में भारत के विभिन्न प्रदेशों के करीब 50 लोगों पूरी रात एयरपोर्ट पर बिताई। अगले दिन एयरपोर्ट प्रबंधन ने हमें बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने हमें एयरपोर्ट परिसर में ही रुकने को कहा। उन्होंने हमें आश्वस्त किया कि वह हमें भारत भेजने का प्रबंध करेंगे। हमें भारतीय दूतावास और स्थानीय एनजीओ ने फूड पैकेट्स उपलब्ध कराए और रात में हमें वहीं जमीन या बेंच पर सोते थे।
23 मार्च को कुआलालंपुर से एयरलिफ्ट कर लाया गया चेन्नई
अंकुश ने बताया कि 23 मार्च को रात 9 बजे करीब 150 से अधिक लोगों को एयर एशिया की फ्लाइट से कुआलालंपुर से एयरलिफ्ट करके चेन्नई लाया गया। यहां सबकी कोरोना वायरस की जांच हुई और सभी यात्रियों को चेन्नई के ताम्बरम स्थित एयर फोर्स स्टेशन पर बने क्वारंटीन सेंटर में भेज दिया गया। सभी यात्रियों की रिपोर्ट निगेटिव आई। सबने चेन्नई जिला प्रशासन से अनुरोध किया कि हमें अपने—अपने प्रदेशों में जाने दें, हम वहां होम क्वारंटीन हो जाएंगे। लेकिन प्रबंधन ने हमें 14 दिनों तक यहीं के क्वारंटीन सेंटर में रहने को कहा। 11 अप्रेल को प्रशासन ने तमिलानाडु के लोगों को ट्रांजिट पास देकर अपने—अपने घर जाने की अनुमति दे दी। लेकिन पंजाब, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के करीब 50 लोग अभी भी यहीं हैं।
15 अप्रेल की फ्लाइट बुकिंग तो करा ली लेकिन संचालन पर स्थिति स्पष्ट नहीं
अंकुश ने बताया कि यहां एयरफोर्स बेस पर बने क्वारंटीन सेंटर में तीनों टाइम खाना मिलता है, सोने के लिए सिंगल बेड मिले हुए हैं। मैंने 15 अप्रेल का चेन्नई से दिल्ली और दिल्ली से भोपाल की फ्लाइट बुकिंग कराई है लेकिन अभी तक स्थिति साफ नहीं है कि 15 से फ्लाइट्स का संचालन होगा भी या नहीं। अंकुश ने बताया कि मेरी अपने परिवार से रोजाना बात होती रहती है। मेरे घर पर नगर निगम के कर्मचारी आए थे मेरी पूछताछ करने के लिए, उन्होंने कहा है कि मुझे भोपाल आने के बाद भी 14 दिन होम क्वारंटीन रहना होगा।