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राज्यसभा चुनाव विवाद से लेकर यूसीसी तक, MP विधानसभा के मानसून-सत्र में हंगामे के आसार

mp assembly monsoon session 2026- मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में इस बार हंगामे के आसार हैं...।

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भोपाल

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Manish Geete

Jun 16, 2026

mp assembly monsoon session 2026

mp assembly monsoon session 2026- मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से। (फोटो -पत्रिका)

MP Assembly Monsoon Session July 2026- मध्यप्रदेश विधानसभा का इस बार का मानसून सत्र बारिश में जरूर होगा, लेकिन विपक्ष के आरोपों की बौछारें भी पढ़ने के आसार ज्यादा हैं। क्योंकि इस बार विपक्ष राज्यसभा चुनाव में बड़ा झटका सहन कर चुका है। इसे लेकर सत्ता पक्ष को घेरने के लिए विपक्ष जमकर हंगामा कर सकता है। इसी मानसून सत्र में अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा। साथ ही किसी तरह यूसीसी को लेकर कोई प्रस्ताव सदन में लाया जाता है तो इसे लेकर भी विपक्ष आक्रामक रुख अपना सकता है। विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से है।

मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र अगले माह 20 जुलाई से 24 जुलाई तक चलेगा। विधानसभा सचिवालय ने सत्र बुलाने की अधिसूचना भी जारी कर दी है। सीएम मोहन यादव ने पांच दिनों का सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 19 जून तक मानसून सत्र बुलाने की आधिकारिक अधिसूचना जारी हो सकती है।

सत्र के दौरान राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश कर सकती है। इनमें मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 (संशोधन) अध्यादेश 2026 और मप्र उपकर (संशोधन) अध्यादेश 2026 को विधेयक के रूप में सदन में प्रस्तुत कर पारित कराने के लिए सरकार ने इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी है।

अनुपूरक बजट भी होगा पेश

मानसून सत्र में प्रथम अनुपूरक बजट भी पेश होगा। इसके लिए सरकारी विभाग नए वाहन खरीदी के लिए प्रस्ताव नहीं दे सकेंगे। नए मदों के प्रस्ताव भी शामिल नहीं किए जाएंगे। इस बारे में वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। वित्त विभाग ने सभी विभागों से ऑनलाइन प्रस्ताव मांगे हैं, इनमें वे ही प्रस्ताव शामिल किए जाएंगे जिनके लिए राज्य की आकस्मिता निधि से अग्रिम स्वीकृत किया गया हो।

एक नजर

-मानसून सत्र कई मायनों में अहम है।
-सत्र में अधोसंरचना, ग्रामीण विकास,शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए जा सकते हैं। इसी सत्र में स्वामित्व योजना भी शामिल हो सकती है।
-48 लाख लोगों को आवास या भूखंड का निशुल्क रजिस्ट्री की व्यवस्था देने की भी है तैयारी।
-यूसीसी लागू करने के विषय में सहमति के प्रयास होंगे।
-यूसीसी का कोई प्रस्ताव सदन में आएगा तो बहस और हंगामे के भी आसार हैं।
आदिवासी समुदायों के लिए अलग दृष्टिकोण अपनाया जा सकता है।