
twisha sharma case giribala singh objects family media statements court hearing, गिरिबाला सिंह ने ट्विशा के परिवारवालों को लेकर जताई आपत्ति (source-patrika)
Bhopal Twisha Sharma Case: भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस में आरोपी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह (Giribala Singh) और पति समर्थ सिंह (Samarth Singh) की न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी गई है। मंगलवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत की अवधि खत्म होने के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया था जहां सीबीआई (CBI) ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की और कोर्ट ने दोनों आरोपियों गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी। गिरिबाला सिंह ने पेशी के दौरान कई बातों को लेकर आपत्ति जताई और उन्होंने ट्विशा के परिवारवालों के द्वारा मीडिया में दिए जा रहे बयानों को लेकर अपनी बात कही।
कोर्ट में पेशी के दौरान गिरिबाला सिंह ने ट्विशा शर्मा के परिवारवालों की ओर से मीडिया में दिए जा रहे बयानों को लेकर आपत्ति जताई है। ट्विशा पक्ष के वकील शुभांग दीक्षित ने बताया कि- गिरिबाला सिंह ने अदालत के समक्ष आपत्ति जताते हुए कहा है कि ट्विशा के परिवार के लोग मीडिया में लगातार बयान दे रहे हैं, इस संबध में अदालत जरूरी दिशा निर्देश जारी करे जिससे की सार्वजनिक रूप से हो रही बयानबाजी बंद हो। इस दौरान गिरिबाला सिंह ने कोर्ट से जेल में वकीलों से मिलने वाले समय को बढ़ाने की मांग भी की, गिरिबाला सिंह ने कोर्ट से मांग की है कि मामले की प्रकृति को देखते हुए कानूनी सलाह के लिए अधिक समय की आवश्यकता है इसलिए वकीलों से मुलाकात की 20 मिनट की समय-सीमा को खत्म किया जाए।
ट्विशा शर्मा केस में मंगलवार को सुनवाई के दौरान एक और बड़ी जानकारी सामने आई है। ट्विशा शर्मा के दोबारा हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट अभी तक सीबीआई को नहीं मिल पाई है। ट्विशा पक्ष के वकीलों ने कोर्ट में दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मांग की तो सीबीआई की तरफ से बताया गया कि उन्हें भी अभी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। बता दें कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर ट्विशा शर्मा का दोबारा पोस्टमार्टम हुआ था।
नोएडा की रहने वाली ट्विशा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के वकील बेटे समर्थ सिंह के साथ हुई थी। महज चंद माह बाद ही 12 मई 2026 की रात को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ट्विशा अपने ससुराल के टेरेस पर फंदे से लटकी मिली थी। गिरिबाला और समर्थ सिंह रात को ही एम्स भोपाल लेकर पहुंचे, जहां ट्विशा को मृत घोषित कर दिया गया था। इसके बाद मामला तब उलझा जब गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर सबूत नष्ट करने के आरोप लगे। आरोप है कि उन्होंने काफी समय न्यायिक अधिकारियों और पुलिस के बड़े अफसरों को फोन लगाकर मामला प्रभावित करने का प्रयास किया। ट्विशा के परिवार और ससुराल पक्ष के आरोप-प्रत्यारोप और लड़ाई में करीब 12 दिन तक ट्विशा का शव एम्स की मार्चुरी में रखा रहा था।
Updated on:
16 Jun 2026 05:50 pm
Published on:
16 Jun 2026 05:04 pm
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