Vande Bharat Express- वंदेभारत एक्सप्रेस के मामले में एमपी पर रेलवे मेहरबान रही है। प्रदेश की चारों दिशाओं में देश की यह प्रीमियम ट्रेन दौड़ रही है।
Vande Bharat Express - वंदेभारत एक्सप्रेस के मामले में एमपी पर रेलवे मेहरबान रही है। प्रदेश की चारों दिशाओं में देश की यह प्रीमियम ट्रेन दौड़ रही है। देश की राजधानी दिल्ली से प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके को दिल्ली खजुराहो वंदेभारत एक्सप्रेस जोड़ती है। इस ट्रेन के स्टॉपेज बढ़ाने की मांग की जा रही है। छतरपुर के श्रद्धालुओं ने दिल्ली खजुराहो वंदेभारत एक्सप्रेस का मथुरा में भी स्टॉपेज करने की मांग की है। इन लोगों का कहना है कि इससे यूपी के दो बड़े शहरों मथुरा और वृंदावन से सीधे जुड़ जाएंगे। बुंदेलखंड के कृष्ण भक्तों के आने जाने की सुविधा बढ़ जाएगी।
दिल्ली खजुराहो वंदेभारत एक्सप्रेस के मथुरा में रुकने से दर्शन करने में सहूलियत होगी। छतरपुर के श्रद्धालुओं ने इसके लिए बुधवार को रेल मंत्री से गुहार लगाई। वंदे भारत के मथुरा में स्टॉपेज की मांग करते हुए छतरपुर कलेक्टर को रेल मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा है।
छतरपुर के हनुमान टोरिया ट्रस्ट और अन्य समाजसेवियों, यात्रियों ने दिल्ली-खजुराहो वंदे भारत ट्रेन को मथुरा में रोकने की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय में एडीएम मिलिंद नागदेवे को रेल मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
दिल्ली-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस सप्ताह में 6 दिन चलती है। इस ट्रेन का मथुरा जंक्शन पर स्टॉपेज नहीं है जबकि टीकमगढ़ और छतरपुर सहित पूरे इलाके से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मथुरा वृंदावन जाते हैं। हनुमान टोरिया ट्रस्ट के पदाधिकारी बताते हैं कि खजुराहो से वंदे भारत एक्सप्रेस से यात्रा करने पर भी मथुरा स्टॉपेज नहीं होने से वहां तक पहुंचने में ज्यादा समय लगता है। बुंदेलखंड के श्रद्धालुओं को वंदेभारत का पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने गए प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि टीकमगढ़ और छतरपुर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मथुरा, वृंदावन जाते हैं। वंदे भारत का स्टॉपेज मथुरा कर दिए जाने से क्षेत्र के इन श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिल जाएगी। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा बल्कि मथुरा-वृंदावन के दर्शन करने ज्यादा लोग जा सकेंगे। अभी मथुरा में वंदेभारत एक्सप्रेस के नहीं रुकने से मथुरा-वृंदावन के दर्शन में काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से यह दिक्कत दूर करने की मांग की गई है।