Holi festival: रंग खेलने के तुरंत बाद तेज धूप मे निकलने से धूप और रसायनों की संयुक्त प्रतिक्रिया से त्वचा पर सनबर्न, पिगमेंटेशन और जलन की समस्या बढ़ सकती है।
Holi festival: होली के उत्साह के बीच त्वचा और आंखों की सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतनी जरूरी है, क्योंकि हर साल होली पर एमवायएच सहित अन्य अस्पतालों में आंख में कलर जाना या स्किन इन्फेक्शन के केस पहुंचते हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि गहरे और रासायनिक रंग त्वचा के लिए हानिकारक हो सकते हैं। खासकर तब जब रंग खेलने के बाद लोग तेज धूप में निकलते हैं।
त्वचा रोग विशेषज्ञों के अनुसार, कई गहरे रंगों में केमिकल और भारी धातुएं मिली होती हैं, जो त्वचा में जलन, खुजली, एलर्जी और रैशेज का कारण बन सकती हैं। काला, बैंगनी और गहरा हरा रंग त्वचा पर अधिक दुष्प्रभाव डाल सकता है। रंग खेलने के तुरंत बाद तेज धूप मे निकलने से धूप और रसायनों की संयुक्त प्रतिक्रिया से त्वचा पर सनबर्न, पिगमेंटेशन और जलन की समस्या बढ़ सकती है।
रंग खेलने से पहले त्वचा पर नारियल या सरसों का तेल अच्छी तरह लगा लें, ताकि रंग सीधे त्वचा के संपर्क में न आएं। इसके अलावा फुल स्लीव्स कपड़े पहनना और चेहरे को ढंककर रखना भी फायदेमंद हो सकता है। रंग खेलने के बाद त्वचा को तुरंत साफ पानी से धोना चाहिए और हल्के फेसवॉश या साबुन का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
डॉक्टर्स कहते हैं कि रंगों के छोटे कण आंखों में जाने से जलन, लालिमा, सूजन और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कई बार तेज रसायन कॉर्निया को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। यदि आंख में रंग चला जाए तो उसे रगडऩे के बजाय तुरंत साफ और ठंडे पानी से धोना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। होली खेलने के बाद पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, ताकि शरीर हाइड्रेट रहे।