
12 lakh employees pensioners wait for da hike (फोटो- Patrika.com)
MP DA Hike: मध्य प्रदेश में महंगाई भत्ते (DA) को लेकर वित्त विभाग की घोषित योजना फिलहाल पटरी से उतरती दिखाई दे रही है। राज्य सरकार ने हाल ही में तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा की है, जिसके बाद सातवें वेतनमान के तहत कर्मचारियों को अब कुल 58 प्रतिशत भत्ता मिलेगा जबकि विभागीय प्लान के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक यह दर 64 प्रतिशत तक पहुंचनी थी। इस अंतर के कारण प्रदेश के करीब 12 लाख कर्मचारी और पेंशनर्स को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।
प्रदेश में लगभग साढ़े सात लाख नियमित अधिकारी-कर्मचारी और साढ़े चार लाख पेंशनर्स महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत के दायरे में आते हैं। सरकार का तर्क है कि बढ़ा हुआ तीन प्रतिशत भत्ता अप्रैल के वेतन में जोड़ा जाएगा और भुगतान मई से होगा। लेकिन यदि केंद्र सरकार मार्च में फिर से महंगाई भत्ता बढ़ाती है, तो भी राज्य में उसका लाभ तुरंत मिलने की संभावना कम है। पिछली बार भी केंद्र के फैसले के करीब आठ महीने बाद राज्य कर्मचारियों को संशोधित दर का लाभ मिला था।
वित्त विभाग की पूर्व योजना के मुताबिक 2026-27 तक 74 प्रतिशत, 2027-28 तक 84 प्रतिशत और 2028-29 तक 94 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने का रोडमैप तैयार किया गया था। हालांकि मौजूदा स्थिति इस लक्ष्य से पीछे चल रही है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि समय पर बढ़ोतरी होती, तो मार्च 2026 से पहले 64 प्रतिशत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता था।
छठवें वेतनमान के कर्मचारियों के लिए भी चरणबद्ध वृद्धि की योजना बनाई गई थी। वर्तमान में 252 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है, जिसे हालिया घोषणा के बाद 255 प्रतिशत किया जाना है। आने वाले वर्षों में इसे क्रमशः 265, 280 और 295 प्रतिशत तक ले जाने की बात कही गई है। पांचवें वेतनमान के कर्मचारियों के लिए भी इसी तरह 315 प्रतिशत से बढ़ाकर आगामी वर्षों में 345 प्रतिशत तक पहुंचाने की रूपरेखा तैयार है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि फिलहाल सरकार अपने ही तय लक्ष्य से करीब 6 प्रतिशत पीछे है और वे केंद्र के फैसलों के तुरंत बाद राज्य में भी समान लाभ लागू करने की मांग कर रहे हैं।
Published on:
05 Mar 2026 07:35 am
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