केंद्रीय आयुष मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार राजधानी के पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज और शासकीय होम्योपैथी कॉलेज ने इम्यून सिस्टम मजबूत करने वाली दवाओं का वितरण शुरू कर दिया है।
भोपाल/ मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस बहुत तेजी से अपने पाव पसार रहा है। हालांकि, लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए कई शोध किये जा रहे हैं। फिलहाल, अब तक इसकी कोई ठोस दवा नहीं बन सकी है, जिसके चलते बचाव को ही पहली प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं, कोरोना से बचे रहने के लिए लोग भी तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं। इधर, केंद्रीय आयुष मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार राजधानी के पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज और शासकीय होम्योपैथी कॉलेज ने इम्यून सिस्टम मजबूत करने वाली दवाओं का वितरण शुरू कर दिया है।
केन्द्रीय आयुष मंत्रालय ने इस आधार पर दिये निर्देश
अब तक हुई रिसर्च में सामने आया कि, संक्रमण अधिकतर उन लोगों को नुकसान पहुंचा रहा है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है। इनमें मुख्य रूप से गर्भवती महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों पर अधिक खतरा है। इसके बाद केन्द्रीय आयुष मंत्रालय ने इन्हीं रिसर्चेज को ध्यान में रखते हुए आयपष संस्थानों को ये एडवाइजरी जारी की है।
85 हजार लोगों को बांटी जा चुकी है खास आयुर्वेद मेडिसिन
भोपाल स्थित पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. उमेश शुक्ला के मुताबिक, कि केन्द्रीय आयुष मंत्रालय ने बाकायदा एडवाइजरी जारी कर दो तरह की दवाएं लोगों को बांटने के निर्देश दिये थे। जिसके बाद से युद्ध स्तर पर इन दवाओं का वितरण शुरु किया गया है। डॉ. शुक्ला ने बताया कि, अब तक भोपाल में ही करीब 85 हजार लोगों को त्रिकटु चूर्ण और संशमनी वटी बांटी जा चुकी है। अस्पताल के कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को ये दवाएं बांट रहे हैं। डॉ. शुक्ला ने कहा कि संशमनी वटी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए दी जा रही है, जबकि त्रिकटु चूर्ण सांस संबंधी बीमारियों में फायदेमंद है। इससे भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
होम्योपैथी से बढ़ेगी प्रतिरोधक क्षमता
शासकीय होम्योपैथी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसके मिश्रा के मुताबिक, निर्देश मिलने के बाद युद्ध स्तर पर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आर्सेनिकम एल्ब-30 दवा घर-घर जाकर आम लोगों को बांटी जा रही है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि, अब तक भोपाल में ही 10 लाख लोगों को ये दवा बांटी जा चुकी है। ये दवा प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बेहद कारगर होती है। कई लोग इस दवा को कोरोना संक्रमण से रोकथाम के तौर पर पहले से ही खा रहे हैं।