
भोपाल. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ( former Chief Minister ) एवं भाजपा के कद्दावर नेता बाबूलाल गौर ( Babulal Gaur ) की तबियत बुधवार को अचानक बिगड़ गई। तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ( medanta hospital ) ले जाने की तैयारी की जा रही थी लेकिन मेदांता ने एयर एम्बुलेंस भेजने से मना कर दिया था। बताया जा रहा है कि मेदांता के एयर एम्बुलेंस भेजने की वजह पुराने बिलों का भगुतान नहीं है। कहा गया कि बाबूलाल गौर के मेंदाता अस्पताल के पुराने बिल बकाया हैं जिस कारण से उन्हें एयर एम्बुलेंस की सुविधा नहीं दी जाएगी।
सीएम ने तुरंत बिलों का कराया भगुतान
बाबूलाल गौर के तबियत बिगड़ने और एयर एम्बुलेंस की सुविधा नहीं मिलने की जानकारी जैसे की सीएम कमल नाथ ( Kamal Nath ) को पता चली सीएम के निर्देश पर बाबूलाल गौर के बकाया सभी बिलों का भगुतान किया गया। इसके साथ ही सीएम ने फैसला किया है कि उनके इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। उसके बाद दोपहर 1.45 बजे बाबूलाल गौर को विशेष एयर एम्बुलेंस की मदद से मेदांता अस्पताल भेजा गया। मिली जानकारी के अनुसार, बाबूलाल गौर के साथ उनकी बहू कृष्णा गौर, हमीदिया अस्पताल के डॉक्टर मीना और ओएसडी श्रीवास्तव भी गए हैं। दिल्ली एयरपोर्ट से मेदांता अस्पताल तक की सभी व्यवस्थाओं को पूरा कर दिया गया है।
सांस लेने हो रही है दिक्कत
बाबूलाल गौर को 7 अप्रैल को भी सांस लेने में दिक्कत थी और ब्रेनहेमरेज की आशंका में भोपाल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनकी हालत में सुधार होने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। बाबूलाल गौर 23 अगस्त 2004 से 29 नवंबर 2005 तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री थे। उमा भारती के इस्तीफा देने के बाद को प्रदेश के सीएम बने थे। बाबूलाल गौर प्रदेश के कद्दावर नेता माने जाते हैं।
दिग्विजय सिंह का ऑफर ठुकराया था
बाबूलाल गौर ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के उस ऑफर को ठुकरा दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि आप कांग्रेस में शामिल हो जाइए और भोपाल से लोकसभा का चुनाव लड़ें। बाबूलाल गौर ने भी इस बात का जिक्र करके राजनीति गर्मा दी थी। गौर ने भी कहा था कि मैंने मना नहीं किया है।