BALAGHAT FRAUD डीएपी-इफको ब्रांड की बोरियों में नकली खाद भरकर महंगे दामों में बेची जा रही
BALAGHAT FAKE IFFCO UREA DAP SALE BALAGHAT FERTILIZER FRAUD एमपी में किसानों के साथ खाद के नाम पर खुलेआम धोखाधड़ी की जा रही है। बालाघाट में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे एक गिरोह को पकड़ा है। वारासिवनी थाना में केस भी दर्ज कर किया गया है। कृषि विभाग के अफसरों के अनुसार कोस्ते में डीएपी-इफको ब्रांड की बोरियों में नकली खाद भरकर महंगे दामों में बेची जा रही थी। सूचना मिलते ही कृषि विभाग के वारासिवनी और बालाघाट के अधिकारी मौके पर पहुंचे और 36 क्विंटल अवैध खाद जब्त की।
अधिकारियों के अनुसार यहां देवास के रत्न खाद बालाजी फास्फेटस प्राइवेट लिमिटेड के सिंगल सुपर फास्फेट खाद को डीएपी और इफको ब्रांड की बोरियों में भरा जा रहा था। मौके से करीब 36 क्विंटल अवैध खाद जब्त की गई। मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
सिंगल सुपर फास्फेट खाद की बोरी करीब 300 रुपए में आती है। यही खाद डीएपी और इफको की बोरियों में भरकर 1200 रुपए बोरी के भाव में बेच रहे थे। सह वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी प्रतिभा टेम्भरे ने वारासिवनी थाना में इसकी शिकायत की।
मामले में आरोपी कोस्ते वारासिवनी निवासी मुनेश चौहान, सिद्धी विनायक कृषि केन्द्र वारासिवनी के दीक्षांत जैतवार और अजित रमेश के अलावा बालाजी फास्फेट प्राइवेट लिमिटेड देवास पर भी केस दर्ज किया गया है। वारासिवनी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318 व 3, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3, 5 के अंतर्गत केस दर्ज किया है।
गोदाम में छापा मारकर 3500 अवैध बैग और नकली खाद से भरे 1500 बैग बरामद किए गए। यहां सिंगल सुपर फास्फेट की भरी हुई 1500 बोरियां पाई गई। इसी खाद को ही ब्रांडेड कंपनी के नाम पर डीएपी बताकर बेचा जा रहा था। विभाग ने नकली खाद जब्त कर प्रतिष्ठान को सील कर दिया है।