बीयू में ईसी मेंबर को दो साल से नहीं मिला मानदेय
भोपाल. बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद के सदस्यों को पिछले दो सालों से मानदेय तक नहीं मिला है। हाल ही में हुई कार्यपरिषद की बैठक में यह मामला उठा था, जिसके बाद कुलसचिव डॉ. बी भारती ने एडिशनल रजिस्ट्रार, एकेडमिक और वित्त अधिकारी को पत्र जारी कर इसके लिए जिम्मेदार शख्स का नाम सौंपने को कहा है। 25 जनवरी को हुई कार्यपरिषद की बैठक में सदस्यों ने यहां तक कहा कि, हमें पता है बीयू में किस तरह से कामकाज होता है। पिछले दो सालों से हम सदस्यों को मानदेय तक नहीं मिल पाया है, पता नहीं फाइल कहां घूम रही है। सदस्यों की इस बात पर कुलसचिव का कहना है कि मैंने कुछ समय पहले ही पद्भार संभाला है मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। कुलसचिव ने बैठक में जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने की बात कही थी। जानकारी के मुताबिक मानदेय की फाइल पिछले ६ महीने से वित्त विभाग में रखी रही।
भोज विवि में धारा-52 लगाने एनएसयूआई ने सैंपा ज्ञापन
मध्यप्रदेश एनएसयूआई के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को भोज मुक्तविश्वविद्यालय पर धारा-52 लगाने की मांग को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी को ज्ञापन सौंपा। एनएसयूआई के प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी के नेतृत्व में उच्च शिक्षा मंत्री के बंगले पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि विवि के कुलपति जयंत सोनवलकर द्वारा विश्वविद्यालय अधिनियम 1951 की धारा 33 क और 33 ख का उल्लंघन किया जा रहा है। ऐसे में उन्हें तुरंत हटाने की जरूरत है। कुलपति एक विचारधारा विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए वित्तीय अनिमितताएं कर रहे हैं, जो गलत है। ऐसे उन्हें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा है कि कुलपति की पीएचडी और उनके द्वारा कि गई वित्तीय अनिमितताओं पर जांच कर रही संभागायुक्त की रिपोर्ट मंगवा ली है। इस मामले में जल्द कार्रवाई करेंगे।