भोपाल. राजधानी के प्रॉपर्टी बाजार में एक बार फिर ऑफर्स की शुरूआत हो गई है। डेवलपर्स ने अपनी तैयार प्रॉपर्टी पर स्कीमों के लाभ की घोषणा कर दी है। यह सिलसिला गणेशोत्सव से शुरू हो गया है,जो दिवाली तक चलेगा। जानकारों का मानना है कि अब प्रॉपर्टी आम आदमी की पहुंच में आ गई है। इसका कारण कीमतों में कमी होना है। बैंकों की ब्याज दरें घटने का भी अच्छा असर रियल एस्टेट सेक्टर पर होता देखा जा रहा है।
फायदा उठाने का समय _ प्रॉपर्टी के जानकार बताते हैं कि हाल ही में गणेशोत्सव पर शहर में बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी की बुकिंग हुई। त्योहारों का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। नवरात्र और उसके बाद दशहरा और धनतेरस- दीवाली पर प्रॉपर्टी खरीदी जा सकती है। कारण साफ है कि इन दिनों में डेपलपर्स ग्राहकों को स्कीमों का लाभ देते हैं।
इतना ही नहीं बैंक भी ग्राहकों को प्रोसेसिंग फीस आदि कुछ छूट प्रदान करते हैं। इसका फायदा लोगों को उठाना चाहिए। एक्सपर्ट बताते हैं कि प्रॉपर्टी खरीदने की इच्छा हो तो इसके लिए बजट बनाकर जल्दी करना चाहिए क्योंकि महंगाई के दौर में हर वस्तु का भाव बढ़ता रहता है। प्रॉपर्टी सेक्टर में भी यह धारणा बनती देखी जाती है।
क्रेडाई के प्रदेश प्रवक्ता मनोज सिंह मीक बताते हैं कि हमेशा त्योहारों पर ही मकान, दुकान, प्लॉट, फार्म हाउस जैसी प्रॉपर्टियों के सौदे होते रहे हैं। इस दौरान ग्राहकों को दिए जाने वाले ऑफर का फायदा भी मिलता है। वे बताते हैं कि इस समय सरकार भी हर व्यक्ति को मकान देने के प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना इसका अच्छा उदाहरण दिया जा सकता है।
निवेश हमेशा फायदेमंद _ प्रॉपर्टी के एक्सपर्ट का मानना है कि प्रॉपर्टी सेक्टर एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें किया गया निवेश हमेशा फायदेमंद रहा है। प्रॉपर्टी चाहे वह नई विकसित की गई हो या पुरानी हो, मुनाफा देकर ही जाती है। राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां की प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और भरपूर बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं ने निवेशकों को आकर्षित किया है।
यह आकर्षण उस समय से और बढ़ गया है जब साफ-सुथरा शहरों में भोपाल को देश में दूसरा नंबर प्राप्त हुआ है। इसके अलावा रहने योग्य शहरों में भोपाल की गिनती टॉप-10 शहरों में हुई है। राजा भोज की इस नगरी का लगातार विकास होता रहा है। नई-नई आधुनिक तकनीकों से बनने वाली सर्वसुविधायुक्त कॉलोनियां न केवल भोपाल बल्कि बाहर के लोगों को भी 'आशियाना की जरूरतों को पूरा करती है।
शहरी विकास मंत्रालय द्वारा कराए गए 111 शहरों में आसानी से रहने योग्य शहरों की रेकिंग 100 अंकों के स्केल पर की गई जिसमें प्रमुख घटक -इंस्टीट्यूशनल और गवर्नेंस पर 25 प्वाइंट, सोशल इंफ्रास्ट्रक्टर पर 25 प्वाइंट, फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर 45 प्वाइंट पर आधारित यह सर्वे था जिसमें भोपाल आसानी से रहने योग्य शहरों में टॉप -10 नंबर पर रहा। उपरोक्त घटकों में से फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्टर में भोपाल 8वें नंबर पर है।
ऐसी बचत कर बन सकते हैं मकान मालिक
३.६० लाख रुपए का सालाना पैकेज
(आमदनी 30 हजार रुपए प्रतिमाह)
ऐसे करें खर्च
5000 रुपए स्कूली खर्च
15,000 रुपए घर का खर्च
2,000 रुपए मेडिकल
8,000 रुपए बैंक ईएमआई