
इंदौर. संस्था अध्यक्ष से रिश्वत लेते निरीक्षक पकड़ाया
लोकायुक्त टीम ने सोमवार को उपायुक्त सहाकारिता विभाग के कार्यालय में पदस्थ वरिष्ठ सहकारिता निरीक्षक प्रमोद तोमर (57) को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। तिलक नगर सहकारी साख संस्था के अध्यक्ष दिलीप बौरासी से संस्था की शिकायत रफा-दफा करने के लिए निरीक्षक तोमर ने 15 हजार रुपए की मांग की थी। 23 जुलाई को पांच हजार रुपए ले चुके थे। दस हजार रुपए लेते समय लोकायुक्त टीम ने पकड़ लिया। दोपहर करीब 1 बजे लोकायुक्त डीएसपी प्रवीणसिंह तोमर व निरीक्षक आशा सेजकर की टीम ने निरीक्षक प्रमोद तोमर को रिश्वत के मामले में पकड़ा। तोमर ने दस हजार रुपए बौरासी से लेकर अपनी टेबल की ड्राज में रखे और टीम ने उसे धरदबोचा।
तोमर को जब पकड़ा गया तब उनके पास की टेबल पर दो कर्मचारी भी बैठे थे। सभी के सामने उन्होंने रिश्वत की राशि लेकर टेबल में रख ली थी। लोकायुक्त की टीम के आते ही पूरे ऑफिस में हडक़ंप मच गया। साथ बैठे दो कर्मचारी भी गायब हो गए। सामने ही सहायक आयुक्त व उपायुक्त एमएल गजभिए का ऑफिस है। बताते हैं कार्रवाई के दौरान गजभिए अपने कैबिन में ही थे लेकिन कार्रवाई होते ही चले गए। अन्य कर्मचारी भी इधर-उधर हो गए।
निरीक्षक के पास चार प्रभार, कार में रखी थी शिकायत
निरीक्षक प्रमोद तोमर के पास सहकारिता विभाग में चार प्रभार हैं। गृह निर्माण संस्था, उनके कानूनी मामले, धारा 60 के तहत संस्थाओं की जांच करना तथा ऑडिट रिपोर्ट की तामिली कराने का कार्य है। फरियादी दिलीप बौरासी के मुताबिक, महेश राठौर, विवेक राजावत आदि ने संस्था की कथित अनियमितताओं की शिकायत की थी। इसी को रफा-दफा करने के लिए तोमर ने उनसे 15 हजार मांगे थे। 5 हजार रुपए देने के बाद लोकायुक्त एसपी सव्यसाची सराफ को शिकायत की। कार्रवाई के बाद तोमर घबरा गए थे। शिकायत की जानकारी मांगी तो दस्तावेज खंगालते रहे। बाद में बाहर खड़ी कार की जांच की तो उसमें अन्य दस्तावेज के साथ शिकायत जब्त हुई।
सागर: आंगनबाड़ी में नौकरी दिलाने के नाम पर मांगे 50 हजार रुपए
आंगनबाड़ी केंद्र पीपरा में सहायिका के पद पर नियुक्ति के बदले 50 हजार रुपए की रिश्वत लेने वाले महिला एवं बाल विकास विभाग के राहतगढ़ विकासखण्ड में पदस्थ परियोजना अधिकारी को सोमवार को लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ लिया। लोकायुक्त पुलिस की टीम जब परियोजना अधिकारी के कार्यालय में दाखिल हुई तो उन्हें टेबल पर ही रिश्वत में दिए गए नोट की गड्डी रखी मिली। लोकायुक्त डीएसपी की टीम ने पंचनामा बनाकर परियोजना अधिकारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। लोकायुक्त एसपी के कार्यालय में गत दिवस राहतगढ़ विकासखण्ड के पीपरा ग्राम निवासी हरिराम पटेल ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी अनुराग दुबे द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत की थी।
रुपए हाथ में नहीं लिए, टेबल पर रखवाए
शिकायत में हरिराम ने बताया था कि उसकी पत्नी को पीपरा आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका के पद पर नियुक्ति के बदले में परियोजना अधिकारी द्वारा 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है। वह कई दिनों से परियोजना कार्यालय के चक्कर काट- काटकर परेशान हो गया था। ग्रामीण की शिकायत पर सोमवार को टीम राहतगढ़ पहुंची थी। शिकायतकर्ता हरिराम पटेल रिश्वत लेकर पहुंचा तो परियोजना अधिकारी दुबे ने रुपए अपने हाथ में न लेकर उन्हें टेबल पर रखवा लिया। रुपए देकर वापस लौटे हरिराम का इशारा मिलते ही लोकायुक्त पुलिस की टीम भवन की पहली मंजिल पर स्थित परियोजना अधिकारी के कार्यालय पहुंची और दुबे के सामने टेबल पर रखे रिश्वत में लिए 50 हजार रुपए की गड्डी जब्त की।
एनवीडीए का एसडीओ को 50 हजार की रिश्वत लेते धरदबोचा
राजय आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने सोमवार रात बरगी हिल्स स्थित नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) के कार्यालय में छापामार कार्रवाई की। यहां से एनवीडीए डिवीजन-2 के एसडीओ संतोष कुमार रैदास को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा। एसडीओ ने चार साल पुराने निर्माण की सुरक्षा निधि निकलाने के एवज में ये राशि मांगी थी। ईओडब्ल्यू एसपी देवेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि एनवीडीए में ठेकेदार सुदर्शन सोनकर द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया था कि उसने वर्ष 2016-17 में नहर के लिए रोड का निर्माण किया था। टेंडर मिलने पर 4.22 लाख रुपए बतौर सुरक्षा निधि जमा की गई थी।इस राशि को वापस देनेे के लिए एसडीओ रैदास ने 50 हजार रुपए की मांग की थी। रैदास ने उसे रुपए लेकर बरगी स्थित एनवीडीए के कार्यालय बुलाया था। यहां ईओडब्ल्यू ने एसडीओ को रंगेहाथों दबोच लिया।
रतलाम: पंचायत सचिव दो हजार की रिश्वत लेते धराया
रतलाम. पिपलौदा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत सुखेड़ा के सचिव जगदीश पांचाल को लोकायुक्त टीम ने दो हजार की रिश्वत लेतेे रंगे हाथ धरदबोचा। लोकायुक्त ने ये पिपलौदा स्थित निजी कार्यालय पर की है। ग्राम धामेड़ी के रहने वाले कृषक शंकरलाल मालवीय का खेत ग्राम पंचायत सुखेड़ा के अंतर्गत आता है। शंकरलाल अपने खेत पर फलोद्यान योजना के अंतर्गत बगीचा लगाना चाह रहा था। जिसकी फाइल सुखेड़ा पंचायत के सचिव जगदीश पांचाल के पास थी। शंकरलाल के अनुसार फाइल पास कराने और योजना का लाभ दिलवाने हेतु सचिव जगदीश पांचाल ने पांच हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। इसकी पहली किस्त तीन हजार रुपए 23 जुलाई को दे दी थी। दो हजार रुपए की दूसरी किस्त सोमवार को देना तय हुआ था।