
भारी बारिश से टीकमगढ़ और निवाड़ी जिला त्राहिमाम कर रहा है। बेतवा, जामनी सहित अन्य नदियों के उफनने से रामराजा सरकार की नगरी ओरछा टापू में तब्दील हो गया। वहीं झांसी हाइवे को बाढ़ की वजह से बंद कर दिया गया। निवाड़ी का सडक़ संपर्क अन्य शहरों से कट गया। टीकमगढ़ में सिविल लाइन इलाका पानी-पानी हो गया। कोतवाली थाना परिसर में पानी भर जाने से अधिकारियों को नाव से बाहर निकाला गया। एसडीओपी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के घरों में भी पानी भर गया। भारी बारिश से सबसे ज्यादा बुरी स्थिति निवाड़ी जिले की है। टीकमगढ़ के आगे ज्यौरा नाले के उफनने से टीकमगढ़-झांसी हाइवे बंद हो गया।
भिण्ड: सोनभद्रिका नदी का पुल ढहा
जिले में हो रही तेज बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। आलमपुर में सोनभद्रिका नदी पर बना अस्थायी पुल तेज बहाव में ढह गया। इससे दो दर्जन गांवों का संपर्क टूट गया। यहां नए पुल का निर्माण किया जा रहा है। आलमपुर क्षेत्र को उप्र और दबोह से जोडऩे वाला सोनभद्रिका नदी पर नवीन पुल बनाने का काम धीमी गति से किया जा रहा है। ठेकेदार ने नदी में पाइप डालकर अस्थाई पुल बनाया। बारिश में पुल की मजबूती की पोल खुल गई। पाइप रह गए और गिटटी और मिटटी बह गई। पुलिस ने आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है।
सतना: रपटे से तीस मीटर गड्ढे में फंसा
था शव
कोटर थाना अंतर्गत पतौड़ा गांव से लगे एक रपटा में रविवार की दोपहर ट्रैक्टर सहित बह गए युवक का शव सोमवार की सुबह बरामद कर लिया गया है। होमगार्ड और एसडीईआरएफ की टीम ने सुबह करीब 10 बजे शव निकाला है। पता चला है कि रपटा से करीब 30 मीटर दूर एक गड्ढे में शव फंसा था।
पन्ना: चट्टान में
अटका था युवक
का शव
दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के दौरान पाली नाले में बहे युवक का शव होमगार्ड और एसडीईआरएफ की टीम ने खोज निकाला है। किशोगरंज निवासी सरफराज अहमद रविवार को यहां आया था। दोपहर में पुलिया के पास एक-दूसरे की फोटो खींचने और सेल्फी लेने के दौरान अचानक पैर फिसलने से वह बह गया था।