राजधानी में 1100 मेगावाट सोलर एनर्जी उत्पन्न करने का लक्ष्य, सोलर सिटी बनाने के लिए चलेगा अभियान, महापौर की मौजूदगी में प्रमुख सचिव ऊर्जा ने बैठक लेकर अधिकारियों से की चर्चा
भोपाल में अगले दो माह में आपको बड़ी संख्या में सोलर प्रोजेक्ट नजर आएंगे। कार्बन उत्सर्जन नियंत्रित कर शहर को क्लीन सिटी के तौर पर स्थापित किया जाएगा। शासन के भोपाल को सोलर सिटी बनाने की घोषणा के साथ ही प्रशासन ने इसके लिए लक्ष्य तय कर दिए। 1100 मेगावाट सोलर एनर्जी लक्ष्य तय कर इसकी प्राप्ति के लिए अगले दो माह में शहर में 25 हजार स्थानों पर सोलर पैनल-प्लांट लगाने का अभियान चलेगा। इसे लेकर बैठक में महापौर मालती राय, प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय दुबे, संभागायुक्त डॉ. पवन शर्मा, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, ऊर्जा विकास निगम एमडी गणेश शंकर मिश्रा, आयुक्त नगर निगम फ्रेंक नोबल समेत बिजली कंपनी व ऊर्जा विकास निगम के अफसर उपस्थित थे।
21 जोन में लगेंगे शिविर, सोलर पैनल लगाने देंगे प्रोत्साहन
यहां तय किया गया कि भोपाल को सोलर सिटी बनाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने नगर निगम के 21 जोन क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलेगा। नागरिकों को अपने आवास की छतों व अन्य स्कूल कालेज और शासकीय कार्यालयों में सोलर पैनल लगवाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। भोपाल में वर्तमान में 2000 मेगावाट विद्युत की खपत है। 1100 मेगावाट बिजली सोलर से बनाने का लक्ष्य पूरा होता है तो ये कुल खपत का 50 फीसदी से ज्यादा होगा।
रहवासी संघों के बीच होगी प्रतियोगिता
- एक से 3 किलोवाट के घरेलू सोलर पैनल पर खास जोर होगा। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव ने बताया कि सोलर के प्रति लोगों को जागरूक करने स्वच्छता की तरह रहवासी संघों के बीच प्रतिस्पर्धा आयोजित की जाएगी। भोपाल में 1100 मेगावाट सोलर एनर्जी के इस्तेमाल से यह क्षमता 285 लाख पेड़ों के बराबर कार्बन उत्सर्जन सोखने की होगी । बिजली कंपनी की टीम नगर निगम की टीम के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाएगी, वार्डों में प्रजेंटेशन भी दिया जाएगा।