अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर पूरे देश में उत्साह है। देशभर से अयोध्या में अलग-अलग सामग्री पहुंच रही है। भोपाल भी इसमें भागीदार बनने जा रहा है। भोपाल में तैयार होने वाले गोकाष्ठ भी अयोध्या पहुंच रही है...
अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर पूरे देश में उत्साह है। देशभर से अयोध्या में अलग-अलग सामग्री पहुंच रही है। भोपाल भी इसमें भागीदार बनने जा रहा है। भोपाल में तैयार होने वाले गोकाष्ठ भी अयोध्या पहुंच रही है। भोपाल से एक ट्रक गोकाष्ठ अयोध्या के लिए भेजी गई है। अयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान होने वाले हवन के साथ-साथ यहां अलाव आदि जलाने में गोकाष्ठ का उपयोग किया जाएगा। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर कई तरह से इसका इस्तेमाल किया जाता है। भोपाल के अलावा होली सहित अन्य मौकों पर शहर के अलावा आसपास भी बड़ी संख्या में गोकाष्ठ पहुंचता है। इसी के तहत अयोध्या में हो रहे प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए भी गोकाष्ठ की डिमांड आई थी। इसके लिए एक ट्रक भेजा गया। जिसमें लगभग 50 से 60 क्विंटल गोकाष्ठ आती है।
हवन, अनुष्ठान, भोग और प्रसाद तैयार करने के लिए होगा उपयोग
रविवार को भोपाल से अयोध्या के लिए गोकाष्ठ का ट्रक जयकारों के साथ रवाना किया गया। भोपाल के वैज्ञानिक डॉ योगेंद्र कुमार सक्सेना ( गो काष्ठ मैन ऑफ इंडिया) ने बताया कि राम जन्मभूमि निर्माण कार्यालय अयोध्या के बुलावे पर दान स्वरूप यह गोकाष्ठ अयोध्या भेजी है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के हवन, अनुष्ठान, भोग, प्रसाद तैयार करने के साथ-साथ अलाव जलाने में इसका उपयोग किया जाएगा। यह शहर के लिए गौरव की बात है, कि गोकाष्ठ के जरिए एक सकारात्मक संदेश भी पहुंचेगा। इस मौके पर शैलेंद्र अग्रवाल, अरुण चौधरी, ममतेश शर्मा, प्रमोद चुग सहित अनेक लोग मौजूद थे।
16 जनवरी से 22 तक के कार्यक्रम
- 16 जनवरी से पूजन की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी
- 17 जनवरी को श्रीविग्रह का परिसर भ्रमण कराया जाएगा तथा गर्भगृह का शुद्धिकरण होगा।
- 18 जनवरी से अधिवास प्रारंभ होगा। दोनों समय जलाधिवास, सुगंध और गंधाधिवास भी होगा।
- 19 जनवरी को प्रातः फल अधिवास और धान्य अधिवास होगा।
- 20 जनवरी को सुबह पुष्प और रत्न व शाम को घृत अधिवास होगा।
- 21 जनवरी को प्रात: शर्करा, मिष्ठान और मधु अधिवास व औषधि और शैय्या अधिवास होगा।
- 22 जनवरी को मध्य दिवस में रामलला के विग्रह की आंखों से पट्टी हटाई जाएगी और उन्हें दर्पण दिखाया जाएगा।