
MP Professor Salaries Deduction: उच्च शिक्षा विभाग को मिली थी प्रोफेसर्स की शिकायत, उपस्थिति दर्ज करवाकर कॉलेज से गायब, अब एक्शन। (फोटो सोर्स: Freepik)
Madhya Pradesh Professor Attendance Rule: मध्य प्रदेश में अब प्रोफेसर्स को 6 घंटे की उपस्थिति दर्ज करानी होगी। स्टूडेंट्स के साथ ही उनकी उपस्थिति का रिकॉर्ड भी उन्हें देना होगा। यानी अब प्रोफेसर्स उपस्थिति दर्ज करवाकर कॉलेज से गायब नहीं हो सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग का रुख इस बार सख्त नजर आ रहा है। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक अब ऐसे प्रोफेसर्स जो उपस्थिति दर्ज करवाकर गायब हो रहे हैं, उनका वेतन काटा जाएगा।
इसके लिए विभाग (MP Higher Education Department) ने बकायदा प्रोफेसर्स, लाइब्रेरियन, खेल अधिकारियों और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए भी सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। बता दें कि विभाग को इस संदर्भ में कई शिकायतें मिली थीं कि प्रोफेसर केवल कुछ समय बिताते हैं और चले जाते हैं। इससे स्टूडेंट्स की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिकायतों के बाद विभाग ने सख्त कदम उठाया है।
इस नई व्यवस्था (MP Professor Attendance New Rule) के तहत अगर कोई भी शैक्षणिक या गैर शैक्षणिक कर्मचारी कॉलेज में अपने हर कार्यदिवस पर कम से कम 6 घंटे की उपस्थिति दर्ज नहीं करानी होगी। यदि ऐसा नहीं पाया जाता है, तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और संबंधित प्रोफेसर या अन्य कर्मचारी को इस दिन का वेतन ही नहीं दिया जाएगा।
एमपी उच्च शिक्षा विभागके निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित कॉलेज प्राचार्य के साथ ही डीडीओ को भी इसका जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इस व्यवस्था (MP Professor Online Attendance Rule) के तहत अब हर महीने 30 तारीख को ही सभी का वेतन तैयार करना होगा, इसमें सार्थक एप की रिपोर्ट और दैनिक रूप से 6 घंटे की उपस्थिति का स्पष्ट उल्लेख करना भी अनिवार्य किया गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कदम शिक्षा, अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए लिया गया है। आने वाले समय में व्यवस्था को और हाईटेक और सेंट्रलाइज्ड किया जाएगा। शिक्षक वर्ग के लिए यह नियम किसी चुनौती से कम नहीं है, खासतौर पर अब मुश्किलें उन प्रोफेसर के सामने आएंगी जो कॉलेज टाइम में किसी शोध या अकादमिक गतिविधियों में बिजी रहते थे।
यही नहीं उच्च शिक्षा विभाग (MP Professor Salary) ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कर्मचारी वास्तविक लीव के कारण कॉलेज नहीं आते हैं, तो उनकी अनुपस्थिति को ईएचआरएमएस सिस्टम से समायोजित किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक अब हर प्रोफेसर और कर्मचारी की उपस्थिति सार्थक एप के माध्यम से रियल टाइम में दर्ज की जा रही है।
Published on:
12 Jun 2026 04:43 pm
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