कोलारस-मुंगावली विधानसभा उपचुनाव, भाजपा नर्मदा फैक्टर तो कांग्रेस आपसी गुटबाजी से हो रही परेशान
भोपाल। भाजपा और कांग्रेस इधर कोलारस-मुंगावली विधानसभा उपचुनाव की जमावट में अपनी ताकत लगाए बैठे थे, लेकिन उसके पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने 20 नगरीय निकाय चुनावों का टेंशन दे दिया। बुधवार से नगरीय निकाय चुनाव के नामांकन का सिलसिला शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक किसी भी दल ने अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। नामांकन दर्ज करने की आखिरी तारीख तीन जनवरी है।
सबसे बड़ी चुनौती
मुख्य तौर पर निमाड़ अंचल के नगरीय निकायों में होने जा रहे इन चुनावों को पहले सरदार सरोवर बांध की डूब पुनर्वास की व्यवस्था के कारण रोक लिया गया था। अब चुनावों की घोषणा के साथ ही भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस इलाके में नर्मदा फेक्टर ही है। उधर कांग्रेस के लिए स्थानीय गुटबाजी से टिकट तय कर पाने में दिक्कत आ रही है। बड़वानी और धार में पार्टी के सामने यही संकट है कि वो जिस भी उम्मीदवार को टिकट देगी, दूसरे दावेदार बगावत का बिगुल फूंक सकते हैं। चूंकि इन नगरीय निकाय चुनावों में नाम वापसी की आखिरी समय सीमा तक भी राजनीतिक दल किसी एक उम्मीदवार को पार्टी का सिंबल प्रदान कर सकते हैं।
इस लिए 3 जनवरी के बाद भी राजनैतिक दलों के पास 6 जनवरी तक का समय है। प्रदेश की कुल 19 नगरीय निकायों में चुनाव और एक नगरीय निकाय में उपचुनाव हो रहे हैं। इसमें 6 नगर पालिकाएं और 14 नगर परिषद शामिल है। 6 नगर पालिका में से चार धार, मनावर, सेंधवा व बड़वानी पर भाजपा और दो पीथमपुर व राघौगढ़ विजयपुर पर कांग्रेस काबिज है।
दिग्विजय की यात्रा का भी असर
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इन दिनों नर्मदा की आध्यात्मिक यात्रा पर हैं, जो इन इलाकों से भी गुजरे हैं। पार्टी से वे आधिकारिक अवकाश लेकर यात्रा पर निकले हैं और इसे आध्यात्मिक भले कहा जा रहा है। लेकिन नर्मदा के किनारे के नगरीय निकायों के चुनाव में उनका यात्रा की छाया रहेगी।
पहले दिन एक भी नामांकन नहीं
प्रदेश के नगरीय निकाय व पंचायत निकाय के आम चुनाव व उपचुनाव के लिए बुधवार को अधिसूचना जारी कर दी गई, लेकिन 19 नगरीय निकायों के आमचुनाव, एक के अध्यक्ष पद के उपचुनाव और 10 निकायों के 13 पार्षद पद के लिए पहले दिन एक भी नामांकन नहीं भरा गया। इस ठंडी शुरूआत की वजह दलों द्वारा सक्रिय नहीं होना माना जा रहा है। नामांकन पत्र तीन जनवरी तक भरे जा सकेंगे।