
भोपाल@आलोक पांड्या की रिपोर्ट...
भाजपा जिला अध्यक्षों के चुनाव 30 नवंबर को प्रदेश के 51 संगठनात्मक जिलों में कराएगी। पांच जिलों में पार्टी ने फिलहाज जिला अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया को रोक दिया है।
इसमें सिवनी, होशंगाबाद और ग्वालियर-नगर में नेताओं की आपसी खींचतान के कारण अभी तक मंडल चुनाव भी पूरे नहीं हो पाए हैं। यहां पार्टी ने जिन मंडल अध्यक्षों को चुना है, उनमें से कई के खिलाफ उम्र के आधार पर आपत्ति आ गई है। उधर झाबुआ में विधनसभा उपचुनाव के कारण चुनाव रुके हुए हैं तो वहीं शहडोल में निकाय उपचुनाव के कारण चुनाव प्रक्रिया को रोक दिया गया है।
तीन साल से ज्यादा छूट के मूड में नहीं संगठन-
भाजपा ने जिला अध्यक्षों के लिए अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष तय की है। पार्टी मंडल चुनाव में उम्र के फार्मूले पर खासी सख्त नजर आई है। इसी के चलते अब जिला अध्यक्षों के चुनाव में उम्र के फार्मूले को लेकर सख्ती की तैयारी है। संगठन सूत्रों के मुताबिक यदि किसी जिले में उम्र को लेकर पेंच फंसता है तो दो-तीन साल की ही रियायत प्रदेश नेतृत्व द्वारा विशेष स्थिति में दी जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारियों की बैठक आज-
जिला अध्यक्ष के चुनावों की तैयारी के लिए शुक्रवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय में सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों की अहम बैठक बुलाई गई है। पार्टी को आशंका है कि मंडल चुनाव की तरह जिला अध्यक्ष के चुनाव में भी उम्र और दूसरे मुद्दों को लेकर नेताओं द्वारा भारी शिकायते की जा सकती है।
ऐसे में इनके निराकरण के लिए भी टीम बनाई जा रही है। जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा प्रदेश निर्वाचन अधिकारी द्वारा भोपाल में की जाएगी, इसके लिए सभी को नाम तय करके भोपाल भेजने के लिए कहा गया है।